{"_id":"62eea2968b014a2c127f194f","slug":"afghanistan-bomb-blast-in-kabul-two-people-killed-22-injured-updates","type":"story","status":"publish","title_hn":"Afghanistan Bomb Blast: काबुल में बम विस्फोट, आठ लोगों की मौत, 18 के घायल होने की खबर","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Afghanistan Bomb Blast: काबुल में बम विस्फोट, आठ लोगों की मौत, 18 के घायल होने की खबर
Sun, 07 Aug 2022 12:16 AM IST
अभिषेक दीक्षित
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sun, 07 Aug 2022 12:16 AM IST
सार
पुलिस प्रवक्ता खालिद जादरान ने कहा कि विस्फोटक उपकरण एक वाहन में रखे गए थे, जिसकी जिम्मेदारी आईएस ने ली है। उसका इरादा शिया हजारा समुदाय के लोगों को निशाना बनाना था।
विज्ञापन
blast
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अफगानिस्तान की राजधानी में शुक्रवार को शिया समुदाय की मोहर्रम माह में एक शोकसभा के दौरान एक वाहन में विस्फोट से 8 लोगों की मौत हो गई जबकि 18 अन्य घायल हैं। यह धमाका काबुल के सरकारिज क्षेत्र में एक मस्जिद के पास हुआ। धमाके की जिम्मेदारी आईएस ने ली है।
विज्ञापन
समाचारा एजेंसी अनादोलु ने सूत्रों के हवाले से बताया कि मोहर्रम के लिए यहां कई लोग एकत्र हुए थे। इसी दौरान दो धमाके हुए। पुलिस प्रवक्ता खालिद जादरान ने कहा, विस्फोटक उपकरण एक वाहन में रखे गए थे, जिसकी जिम्मेदारी आईएस ने ली है। उसका इरादा शिया हजारा समुदाय के लोगों को निशाना बनाना था।
विज्ञापन
पहला धमाका इमाम मोहम्मद बाकेर क्षेत्र में हुआ जो काबुल के सर-ए-करीज इलाके में स्थित जनाना मस्जिद है। दूसरा धमाका जिस इलाके में हुआ वह एक रिहाइशी क्षेत्र है। आईएस ने अपने बयान में 20 लोगों के मरने और घायल होने की बात कही है। यह क्षेत्र काबुल के भीड़भाड़ वाले इलाके हैं।
विज्ञापन
निशाने पर शिया हजारा समुदाय
अफगानिस्तान में शिया हजारा समुदाय कई वर्षों से उत्पीड़न का सामना कर रहा है। इससे पहले, अफगानिस्तान में तालिबान शासन ने दर्जनों शिया मस्जिदों में ईद की नमाज अदा करने पर रोक लगा दी थी। अफगानिस्तान में शियाओं पर हाल में कई हमले हुए हैं। शिया मुस्लिम यहां अल्पसंख्यक के रूप में रहते हैं। आईएस से जुड़े आतंकी गुट 2014 से अफगानिस्तान में सक्रिय हैं, जो देश की सुरक्षा के लिए चुनौती बने हुए हैं।