अफगानिस्तान: सुलह परिषद के अध्यक्ष बोले- भारत के साथ शांति को लेकर हुई चर्चा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुलह परिषद के अध्यक्ष अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने भारतीय नेतृत्व के साथ हुई अपनी चर्चा को लेकर कहा, 'चर्चा का विषय शांति था। मैंने सीधे तौर पर भारत को तालिबान के साथ लड़ाई करने के लिए नहीं कहा, लेकिन मैंने शांति के मामले में कार्य करने को प्रोत्साहित किया। मैंने अफगानिस्तान में भारत की सैन्य भूमिका के बारे में नहीं सोचा। हमें उम्मीद है कि देश अपने पैरों पर खड़ा हो सकेगा। नाटो भी हमेशा के लिए नहीं रहेगा।'
#WATCH: "Topic of discussion was peace... I didn't directly ask India to engage with Taliban but I encouraged engagement in peace pross as a whole," says Abdullah Abdullah, Chairman, High Council for National Reconciliation of Afghanistan on his discussions with Indian leadership pic.twitter.com/b2mlnMRT3D
— ANI (@ANI) October 10, 2020विज्ञापन
जब अब्दुल्ला से पाक आधारित आतंकी समूहों के बारे में पूछा जो अफगान शांति प्रक्रिया को हाईजैक करने की कोशिश कर रहे हैं तो उन्होंने कहा, 'इसका मतलब यह नहीं होगा कि अगर हम केवल तालिबान और अन्य आतंकी समूहों के साथ समझौता करते हैं तो अफगानिस्तान में फ्रीलांसिंग जारी रहेगी। शांति समझौते से अमेरिका की समय से पहले वापसी से एक खालीपन रह जाएगा, जिसका अफगानिस्तान में सुरक्षा स्थिति पर प्रभाव पड़ेगा। लेकिन इसका मतलब यह नहीं होगा कि एक पक्ष दूसरे पर हावी हो।'
अब्दुल्ला अब्दुल्ला से जब सार्क के पुनरुद्धार और भारत-पाक के मुद्दों के समाधान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'जितना क्षेत्र जुड़ा रहेगा, उतने अधिक हम लाभान्वित होंगे। यह हमारे लिए किसी भी देश के लिए तय नहीं है, यह एक स्वीकृत तथ्य है। क्षेत्र में अधिक कनेक्टिविटी के माध्यम से सभी देशों को लाभ होगा।'
भारत और चीन के बीच तनाव के बारे में पूछे जाने पर अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुलह के अध्यक्ष ने कहा, 'हमें लगता है कि किसी भी मुद्दे का सौहार्दपूर्वक हल निकालने की आवश्यकता है। विभिन्न देशों के बीच तनाव का हमारे ऊपर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।'