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एच-1 बी वीजा : एक अक्टूबर से अमेरिका विदेशियों को करेगा बाहर, भारतीयों पर पड़ेगा असर

Thu, 27 Sep 2018 05:47 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 27 Sep 2018 05:47 PM IST
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Affects H-1B Visa Holders, US To Start Deportation Process Of Foreigners From October 1
एच1 बी विजा - फोटो : self

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक जिन लोगों का एच-1 बी वीजा की मियाद खत्म हो गई है या जिनका स्टेटस बदल गया है उन्हें एक अक्टूबर से देश से बाहर निकालने की प्रक्रिया (निर्वासन) शुरू की जा सकती है। इसका सबसे बड़ा असर भारतीयों पर पड़ना तय है क्योंकि हाल ही में बड़ी संख्या में जिन वीजा धारकों से उनका वीजा एक्सटेंड करने से इनकार किया गया उनमें भारतीय सबसे अधिक रहे हैं।

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हालांकि राहत सिर्फ यह है कि जिस संघीय एजेंसी को इसकी जिम्मेदारी दी गई है उसने कहा है कि रोजगार आधारित और मानवीय याचिकाओं व आवेदनों के संबंध में इसे कुछ समय के लिए लागू नहीं किया जाएगा। अमेरिकी नागरिकता व आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) को वीजा स्वीकृति देने की जिम्मेदारी दी गई है। यूएससीआईएस ने स्पष्ट रूप से है कहा कि नए नियम को 1 अक्टूबर से लागू किया जाएगा।
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नए नियम के मुताबिक जिन लोगों ने वीजा विस्तार (एक्सटेंशन) का आवेदन किया है उन्हें एनटीए (नोटिस टू अपीयर) जारी किया जाएगा। एनटीए, अमेरिका में गैर-कानूनी रूप से रह रहे लोगों को देश से बाहर भेजे जाने के लिए जारी किया जाने वाला पहला कदम है। यह एक तरह का ऐसा दस्तावेज है जो कि किसी व्यक्ति को इमीग्रेशन (आव्रजन) जज के सामने पेश होने के लिए कहता है।

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हाल ही में काफी संख्या में एच-1 बी वीजा धारकों से उनका वीजा विस्तार करने से मना कर दिया गया है, इस कारण अमेरिका में रह रहे भारतीय सबसे ज्यादा चिंतित हैं। सोमवार से लागू होने वाले इस नियम को लेकर वे अमेरिकी कंपनियां भी चिंतित हैं जहां पर ये भारतीय काम कर रहे हैं। निर्वासन की कार्रवाई के बाद वीजाधारकों के हटने से अमेरिकी कंपनियों में बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। 

1990 में शुरू हुई थी यह व्यवस्था

एच-1 बी वीजा ऐसे विदेशी पेशेवरों के लिए जारी किया जाता है जो किसी खास काम में कुशल होते हैं। इसके लिए आम तौर उच्च शिक्षा की जरूरत होती है। यह व्यवस्था 1990 में तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने शुरू की थी। इसका मकसद अमेरिका में दुनिया भर से प्रतिभावान लोगों को काम के लिए बुलाना था ताकि देश की उत्पादकता को बढ़ाया जा सके। कंपनी में नौकरी करने वालों की तरफ से एच-1 बी वीजा के लिए आव्रजन विभाग में आवेदन करना होता है।

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