फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Actions taken against some civil society organisations due to their illegal practices: India at UNHRC

UNHRC: CAA और मानवाधिकार पर दुनिया ने जताई आपत्ति, भारत ने UN के मंच पर सुनाई खरी-खरी

Thu, 10 Nov 2022 11:12 PM IST
Amit Mandal वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा Published by: Amit Mandal Updated Thu, 10 Nov 2022 11:12 PM IST
सार

तुषार मेहता ने कहा कि कुछ संगठनों के खिलाफ उनकी अवैध गतिविधियों के कारण कार्रवाई की गई, जिसमें धन को गलत तरीके से भेजना और मौजूदा कानूनी प्रावधानों का जानबूझकर और निरंतर उल्लंघन शामिल हैं। 

विज्ञापन
Actions taken against some civil society organisations due to their illegal practices: India at UNHRC
UNHRC - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भारत ने गुरुवार को यूएनएचआरसी में कहा कि कुछ नागरिक समाज संगठनों के खिलाफ उनकी अवैध गतिविधियों के कारण कार्रवाई की गई है। इसमें धन का दुरुपयोग और देश के विदेशी मुद्रा प्रबंधन नियमों और कर कानूनों का लगातार उल्लंघन शामिल है। जिनेवा में भारत के मानवाधिकार रिकॉर्ड की सार्वभौमिक आवधिक समीक्षा (यूपीआर) चल रही है, कुछ सदस्य देशों ने विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 के मुद्दे पर चिंता जताई। आयरलैंड ने विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम के आवेदन के बारे में चिंता व्यक्त की, जिसके तहत 6000 से अधिक गैर सरकारी संगठनों के संचालन लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।

विज्ञापन


सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने रखे तर्क
एफसीआरए के संबंध में सदस्य राज्यों द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि कुछ संगठनों के खिलाफ उनकी अवैध गतिविधियों के कारण कार्रवाई की गई, जिसमें धन को गलत तरीके से भेजना और मौजूदा कानूनी प्रावधानों का जानबूझकर और निरंतर उल्लंघन शामिल हैं। यह दोहराना महत्वपूर्ण है कि नागरिक समाज संगठनों को भारत में काम करने की अनुमति है, लेकिन कानून के अनुसार ऐसा करना चाहिए। 
विज्ञापन


यूपीआर के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे मेहता ने कहा कि भारत 100,000 से अधिक जीवंत, सक्रिय और स्वतंत्र नागरिक समाज संगठनों और गैर सरकारी संगठनों का घर है, जो मानवाधिकारों के संरक्षण और प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि एफसीआरए बुनियादी ढांचा प्रदान करता है जिसके तहत गैर सरकारी संगठन भारत में अपनी गतिविधियों के लिए विदेशों से धन मांगना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अधिनियम के कानूनी प्रावधान अन्य लोकतांत्रिक देशों के नियमों के समान हैं, अधिनियम के तहत पंजीकरण की प्रक्रिया पारदर्शी और प्रौद्योगिकी संचालित है।
विज्ञापन
विज्ञापन


16,542 संगठन विदेशी धन प्राप्त करने के पात्र
उन्होंने कहा कि पंजीकरण, नवीनीकरण, वार्षिक रिटर्न से संबंधित सभी डेटा सार्वजनिक डोमेन में हैं। इनकार के मामलों में अधिनियम और नियमों के तहत कारणों और प्रावधानों का विशेष रूप से हवाला दिया जाता है और आवेदक को विधिवत सूचित किया जाता है। उन्होंने कहा कि भले ही किसी भी नवीनीकरण आवेदन को खारिज या रद्द कर दिया गया हो, फिर भी संगठन अपना संचालन जारी रख सकता है और मामला दर मामला आधार पर अनुमति मांगकर विदेशी धन प्राप्त कर सकता है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, अधिनियम के तहत 16,542 संगठन विदेशी धन प्राप्त करने के पात्र हैं। विदेशी फंडिंग प्राप्त करने के लिए किसी भी एसोसिएशन और एनजीओ के लिए एफसीआरए पंजीकरण अनिवार्य है।

CAA पर दिया जवाब 
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा, यह कानून न ही किसी भारतीय नागरिक की नागरिकता को छीनता है और न ही किसी भी धर्म से संबंधित किसी भी विदेशी को भारत नागरिकता प्राप्त करने की प्रक्रिया में संशोधन करता है। उन्होंने कहा, इस कानून का उद्देश्य पड़ोसी देश अफगानिस्तान, बांग्लादेश, पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदाय हिंदू, बौद्धि, सिख, पारसी, जैन व ईसाई लोगों को धार्मिक उत्पीड़न के आधार पर भारतीय नागरिकता प्रदान करने में मदद करता है। 


कश्मीर व लद्दाख भारत का अटूट हिस्सा 
कश्मीर मुद्दे पर भी तुषार मेहता ने पाकिस्तान के साथ अन्य देशों को खरी-खरी सुनाई। उन्होंने कहा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अूटट हिस्सा थे और ये हमेशा भारत का अभिन्न अंग रहेंगे। मेहता ने कहा, 2019 में हुए कानून परिवर्तन के बाद कश्मीर के लोग अब देश के अन्य हिस्सों की तरह खुद को भी पूरी तरह से भारत का हिस्सा मानते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed