चीन में मानवता विरोधी अपराध पर कार्रवाई हो: अमेरिकी सांसद
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चीन भले ही दुनिया भर में मानवाधिकारों का ढिंढोरा पीट रहा हो लेकिन सच्चाई यह है कि अपने ही देश में वह उइगर मुस्लिमों का लगातार दमन कर रहा है। अमेरिकी सांसदों ने इसे लेकर राष्ट्रपति ट्रंप के प्रशासन में चीन में मानवाधिकार हनन पर प्रतिबंध लगाने का आह्वान किया। सांसदों ने मानवता के विरुद्ध अपराध को लेकर एक रिपोर्ट भी जारी की।
अमेरिका के कांग्रेसनल कार्यकारी आयोग ने शिनजियांग के पश्चिमी क्षेत्र में 10 लाख से अधिक उइगर और अन्य मुस्लिमों के साथ होने वाले अन्याय पर अपनी व्यापक वार्षिक रिपोर्ट पेश की। यह आयोग एशियाई मानवाधिकारों पर नजर रखता है। आयोग का मानना है कि चीनी अधिकारी उइगरों और तुर्क मुस्लिमों के मामले में मानवता के विरुद्ध कार्रवाई कर सकते हैं।
आयोग के प्रतिनिधि सदस्य क्रिस स्मिथ ने उइगर प्रभावितों को इंगित करते हुए कहा कि खुद इस समुदाय के लोगों ने बताया है कि चीन में उन्हें सिर्फ इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वे मुसलमान हैं। स्मिथ ने एक सम्मेलन में कहा, हम बात कर रहे हैं, उइगरों के साथ चीन में जो हो रहा है, ऐसा हमने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से नहीं देखा है। उन्होंने कहा, चीनी सरकार और खासकर राष्ट्रपति शी जिनपिंग को इस अहंकारी बर्ताव के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
चीन ने खारिज किए आरोप
चीन के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को अमेरिकी आयोग की रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए अमेरिका के सांसदों को चीन के खिलाफ अनुचित आरोप लगाने का जिम्मेदार ठहराया है। मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने बीजिंग में कहा कि यह तथाकथित आयोग अपने पूर्वाग्रहों से अंधा है और इसकी कोई विश्वसनीयता नहीं है।
उइगर अधिकार कानून लागू हो
राष्ट्रपति ट्रंप के करीबी सहयोगी व आयोग के सह-अध्यक्ष सीनेटर मार्को रुबियो ने संकल्प लिया है कि अमेरिकी संसद (कांग्रेस) जल्द ही एक ऐसा कानून पारित करेगी जो शिनजियांग में होने वाले दमन के विरुद्ध निगरानी करने को प्राथमिकता देने और निर्यात पर प्रतिबंध लगाता होगा। हालांकि रुबियो ने इसके लिए किसी तिथि का वादा नहीं किया। सांसदों ने कहा कि ट्रंप प्रशासन उइगर अधिकार कानून लागू करे।