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पाकिस्तान : बारह घंटे बाद घर पहुंचे अगवा पत्रकार मतिउल्लाह, मीडिया और अदालत ने बनाया दबाव

Thu, 23 Jul 2020 03:16 AM IST
अवधेश कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: अवधेश कुमार Updated Thu, 23 Jul 2020 03:16 AM IST
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Abducted journalist Matiullah arrived home after 12 hours in pakistan
सांकेतिक तस्वीर
पाकिस्तानी पत्रकार मतिउल्लाह जान को इस्लामाबाद के एक पब्लिक स्कूल के बाहर से अगवा करने के करीब 12 घंटे बाद मंगलवार शाम को रिहा कर दिया गया। इस घटना ने अदालत, मीडिया, अधिकार समूहों और राजनयिक समुदाय में जबरदस्त आक्रोश पैदा किया। इस घटना के लिए सरकार को जबर्दस्त आलोचना झेलनी पड़ी।
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पर्यवेक्षकों ने कहा है कि यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि उनका अपहरण किसने और क्यों किया था। लेकिन, सभी का मानना है कि इस हरकत के पीछे पाकिस्तानी जासूसी एजेंसी आईएसआई का हाथ हो सकता है। मतिउल्लाह जान को आजाद करने का फैसला इसलिए किया गया था क्योंकि इस्लामाबाद हाईकोर्ट द्वारा बुधवार सुबह उन्हें कोर्ट के सामने पेश करने का आदेश अधिकारियों को दिया गया था। 
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जान के भाई शाहिद अब्बासी ने कहा कि उनके पत्रकार भाई के पास अज्ञात नंबर से फोन आया था। वह बुधवार को हाईकोर्ट में पेशी की तैयारी कर रहे थे, जहां वह कथित रूप से विवादास्पद ट्वीट के लिए अदालती अवमानना का सामना कर रहे थे।
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नाटकीय ढंग से हुई रिहाई

जियो न्यूज के मुताबिक, मंगलवार रात 11 बजे जान को इस्लामाबाद के सुनसान इलाके फतेह जंग में छोड़ दिया गया। उनका फोन वापस नहीं किया गया है। यहां से वह घर पहुंचे। अब तक उन्होंने यह नहीं बताया कि उन्हें किन लोगों ने और क्यों अगवा किया था। टीवी एंकर मीर मो. अली खान ने कहा, आईएसआई के खिलाफ आवाज उठाने का खामियाजा मतिउल्लाह को भुगतना पड़ा।

पुलिस की वर्दी का इस्तेमाल करना चिंता की बात: हाईकोर्ट

इस्लामाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अतहर मिनल्लाह ने मतिउल्लाह के परिवार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पाया कि अपहर्ताओं ने पुलिस की वर्दी पहनी हुई थी। जस्टिस मिनल्लाह ने कहा, आखिर पुलिस की वर्दी पहनकर ऐसे कृत्य करना किसी के लिए नाज की बात कैसे हो सकती है। क्या लोगों को ऐसा नहीं लगेगा कि पुलिस की वर्दी पहनकर कुछ भी करने की आजादी मिल जाती है। उन्होंने कहा, चिंता की बात यह भी है कि अपहर्ताओं के वाहन पर पुलिस की हेडलाइट लगी थी। अदालत ने इस मुद्दे पर पुलिस को भी फटकार लगाई और कानून व्यवस्था पर चिंता जाहिर की।
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