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कोरोना से मां के दूध का रंग हुआ हरा, नवजात बच्ची भी संक्रमित, मामला देख डॉक्टर हैरान
Sat, 13 Feb 2021 03:34 PM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मेक्सिको
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मेक्सिको
Published by: Tanuja Yadav
Updated Sat, 13 Feb 2021 03:34 PM IST
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कोरोना की वजह से बदला दूध का रंग
- फोटो : social media
कोरोना को लेकर आए दिन अलग-अलग तरह के दावे किए जाते रहे हैं लेकिन हाल ही में एक महिला ने दावा किया है कि कोरोना की वजह से उसका दूध हरे रंग में बदल गया। महिला कोरोना संक्रमित थी, जिसके बाद उसके बच्चे को भी कोविड-19 संक्रमण हो गया।
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महिला का ऐसा दावा है कि कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद उसके दूध का रंग बदल गया, जो कि सभी के लिए हैरानी की बात है। इस महिला के दावे के बाद वैज्ञानिक और डॉक्टर्स भी आश्चर्य में हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 23 साल की एना कार्टेज हाल ही में मां बनी हैं।
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मां बनने के थोड़े दिन बाद ही एना को कोरोना संक्रमण हो गया और उनके दूध का रंग हल्का हरा होने लगा। मेक्सिको के मॉन्टेरे में रहने वाली एना ने बताया कि डिलिवरी के कुछ दिन बाद उसे कोरोना संक्रमण हुआ था। इस दौरान जब उसने अपनी नवजात बच्ची को दूध पिलाने की कोशिश की, तो उसने पाया कि उसके दूध का रंग हल्का हरा हो गया है।
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इसके बाद एना ने इस बारे में डॉक्टर से बात की, तो उन्होंने एना और उसकी बच्ची की कोरोना रिपोर्ट कराई। रिपोर्ट में पता चला कि एना के दूध की वजह से उसकी नवजात बच्ची को भी कोरोना संक्रमण हो गया है। हालांकि दोनों को कोरोना का इलाज पूरा इलाज मिला और दोनों ठीक हो गए और उसके दूध का रंग भी सामान्य हो गया।
कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद एना का दूध एक बार फिर सामान्य रंग में आ गया। इस पर डॉक्टर ने कहा कि ये संभव है कि कोरोना पॉजिटिव होने पर दूध का रंग बदल जाए लेकिन अब दोनों को कोरोना नहीं है तो एना अपना दूध अपनी बच्ची को पिला सकती है।
डॉक्टर ने बताया कि जब एंटीबॉडीज संक्रमण से लड़ती हैं तो इस तरह के बदलाव संभावित होते हैं। लेकिन ये शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में हो रहे सकारात्मक बदलाव का नतीजा है। डॉक्टर्स ने बताया कि जब मां बीमार हो, बच्ची बीमार हो या दोनों बीमार हो तो ऐसा होना सामान्य प्रक्रिया है।