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Columbia: दक्षिण कैरोलिना में 15 साल बाद फायरिंग स्क्वाड ने पहली बार कैदी को दी मौत की सजा, जानें पूरा मामला
Sat, 08 Mar 2025 11:40 AM IST
कुमार विवेक
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Sat, 08 Mar 2025 11:40 AM IST
सार
Columbia: सिगमॉन ने 2001 में अपनी पूर्व प्रेमिका के माता-पिता को ग्रीनविल काउंटी स्थित उनके घर में बेसबॉल बैट से मार डाला था ताकि उनकी बेटी का अपहरण किया जा सके। उसने पुलिस को बताया कि वह उसे एक रोमांटिक वीकेंड पर ले जाने की योजना बना रहा था, फिर उसे और खुद को मार देने का प्लान था।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमेरिका के दक्षिण कैरोलिना में हत्या के दोषी ब्रैड सिगमॉन (67) को शुक्रवार को फायरिंग स्क्वाड के जरिए मौत की सजा दी गई। यह अमेरिका में पिछले 15 वर्षों में पहली बार हुआ है जब किसी कैदी को इस तरीके से फांसी दी गई।
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तीन स्वयंसेवी जेल कर्मियों ने राइफलों से सिगमॉन को गोली मारी, जिसे शाम 6:08 बजे मृत घोषित किया गया। सिगमॉन ने 2001 में अपनी पूर्व प्रेमिका के माता-पिता की हत्या कर दी थी। उसने पुलिस को बताया था कि वह अपनी प्रेमिका को रोमांटिक वीकेंड पर ले जाने और फिर उसे और खुद को मारने की योजना बना रहा था।
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सिगमॉन ने 2001 में अपनी पूर्व प्रेमिका के माता-पिता को ग्रीनविल काउंटी स्थित उनके घर में बेसबॉल बैट से मार डाला था ताकि उनकी बेटी का अपहरण किया जा सके। उसने पुलिस को बताया कि वह उसे एक रोमांटिक वीकेंड पर ले जाने की योजना बना रहा था, फिर उसे और खुद को मार देने का प्लान था।
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फायरिंग स्क्वाड के जरिए सजा क्यों दी गई?
सिगमॉन के वकीलों ने कहा कि उसने फायरिंग स्क्वाड को इसलिए चुना क्योंकि बिजली की कुर्सी उसे "जिंदा पका देगी", और उसे डर था कि उसकी नसों में पेंटोबार्बिटल का घातक इंजेक्शन लगाने से उसके फेफड़ों में तरल पदार्थ और रक्त का प्रवाह बढ़ जाएगा। दक्षिण कैरोलिना में घातक इंजेक्शन विधि का विवरण गुप्त रखा जाता है, और सिगमॉन ने गुरुवार को राज्य के सर्वोच्च न्यायालय से इस कारण से अपनी सजा को रोकने का अनुरोध किया। लेकिन उसकी याचिका खारिज कर दी गई।
कैसे दी गई फायरिंग स्क्वाड के जरिए सजा?
सजा के दौरान सिगमॉन को काले जंपसूट में एक कुर्सी पर बैठाया गया। उसके सिर पर हुड और छाती पर सफेद रंग का एक लाल निशान लगा था। तीन बंदूकधारी जेल कर्मी 15 फीट की दूरी से एक साथ गोली चलाई। गोली लगने के बाद सिगमॉन ने कुछ गहरी सांसें लीं, और उसके सीने पर लाल धब्बे दिखाई देने लगे। लगभग 90 सेकंड बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित किया।
मौत की सजा खत्म करने की अपील
फांसी के गवाहों में पीड़ित परिवार के तीन सदस्य, सिगमॉन का वकील, आध्यात्मिक सलाहकार और मीडिया के तीन सदस्य शामिल थे। सिगमॉन ने अपनी अंतिम बयान में ईसाई समुदाय से मौत की सजा खत्म करने की अपील की। फांसी से पहले प्रदर्शनकारियों ने जेल के बाहर प्रदर्शन किया, जिनके बैनरों पर "हर जीवन कीमती है" और "न्याय करो, हत्या नहीं" जैसे नारे लिखे थे।
मौत की सजा पर विवाद
अमेरिका में 1977 से अब तक केवल तीन कैदियों को फायरिंग स्क्वाड से मौत दी गई थी, ये सभी यूटा राज्य के मामले थे। दक्षिण कैरोलिना में 1976 के बाद से 46 कैदियों को मौत दी जा चुकी है। 7 को इलेक्ट्रिक चेयर और 39 को इंजेक्शन के जरिए सजा दी गई थी। राज्य में मौत की सजा 13 साल तक रुकी रही क्योंकि घातक इंजेक्शन के लिए आवश्यक दवाएं नहीं मिल रही थीं। लेकिन पिछले साल राज्य सुप्रीम कोर्ट ने इस सजा को फिर से शुरू करने का आदेश दिया। वर्तमान में 28 कैदी मौत की सजा का इंतजार कर रहे हैं, जिनमें से दो की अपील खारिज हो चुकी है।