{"_id":"5edb251384b2c46bd30514e5","slug":"a-boy-registered-his-city-and-country-on-google-map-and-street-view-for-empowering-tourism-sector","type":"story","status":"publish","title_hn":"गूगल पर जिम्बॉब्वे का स्ट्रीट व्यू न होने से दुखी व्यक्ति किराये का कैमरा लेकर 3000 किमी घूमा, खींचीं तस्वीरें","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
गूगल पर जिम्बॉब्वे का स्ट्रीट व्यू न होने से दुखी व्यक्ति किराये का कैमरा लेकर 3000 किमी घूमा, खींचीं तस्वीरें
Sat, 06 Jun 2020 10:39 AM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिम्बॉब्वे
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिम्बॉब्वे
Published by: Tanuja Yadav
Updated Sat, 06 Jun 2020 10:39 AM IST
सार
- एक युवक ने अपनी जिद पर जिम्बॉब्वे का स्ट्रीट व्यू गूगल मैप पर लगवाया
- करीब तीन हजार किमी की दूरी तय कर खींची शानदार तस्वीरें
- अपने देश की संस्कृति से रूबरू कराने के लिए उठाया यह कदम
विज्ञापन
जिम्बॉब्वे (प्रतीकात्म फोटो)
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अफ्रीकी देश जिम्बॉब्वे में एक युवक ने अपनी जिद से गूगल मैप औप स्ट्रीट व्यू पर अपना शहर रजिस्ट्रर करवाया है। जब इन दोनों साइट्स पर युवक को अपना शहर नहीं मिला तो उसने खुद शहर और देश को गूगल मैप पर नक्शे में शामिल करवाया। अमेरिका के सिलिकॉन वैली में रहने वाले बर्कले निवासी तवांडा कान्हेमा ने इसके लिए गूगल से बात की।
गूगल से बात करने के बाद 360 डिग्री वाला कैमरा लेकर कान्हेमा अपने मिशन को पूरा करने के लिए निकल पडे। जिम्बॉब्वे को नक्शे पर रखकर कान्हेमा ने वहां के नदी-पहाड़ के साथ-साथ करीब 3,218 किलोमीटर तक के हर गली-कूचे की की तस्वीर लेकर उसे गूगल मैप पर लगवाने के लिए गूगल को मजबूर किया।
ये काम कान्हेमा ने स्वेच्छा से किया और इस काम के लिए उन्हें अपनी जेब से पांच लाख रुपये अलग से लगाने पड़े। कान्हेमा के इस काम से गूगल इतना प्रभावित हुआ कि गूगल ने तवांडा कान्हेमा को इस काम के लिए सम्मानित कर उसे एक सर्टिफिकेट भी दिया। गूगल स्ट्रीट व्यू एक ऐसी तकनीक है जिसकी मदद से गूगल मैप और गूगल अर्थ पर दुनियाभर की सड़कों का पैनोरमा व्यू देखा जा सकता है।
विज्ञापन
इस तकनीक की सहायता से नेविगेशन की सुविधा का फायदा भी उठाया जा सकता है। जुनूनी कान्हेमा ने कहा कि उन्हें सिर्फ अपना शहर मैप पर नहीं दिखाना था बल्कि वो दुनिया को बताना चाहता था कि जिम्बॉब्वे की संस्कृति क्या है, वो कैसे जीते हैं, कैसे उनका काम-काज चलता है।
कान्हेमा ने गूगल से स्ट्रीट व्यू के लोन से 360 डिग्री वाला कैमरा लिया ताकि वो सड़कों और जिम्बॉब्वे के पर्यटन स्थलों का बेहतर चित्र दिखा सके। उन्होंने पिछले दो साल में यहां की नेशनल सफारी, जमबेजी नदी, विक्टोरिया फॉल्स, राजधानी हरारे की सड़कों समेत करीब दो हजार मील तक का रास्ता नक्शे में शामिल करवा ही लिया है।
तवांडा कान्हेमा ने एक डाक्यूमेेंट्री भी बनाई है। इसमें जिम्बॉब्वे के खूबसूरत नजारे दिखाए गए हैं, जो गूगल में देखे जा सकते हैं। कान्हेमा ने उम्मीद जताई कि इस प्रयास से उसके देश के टूरिज्म रेवेन्यू को बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही पूरी दुनिया उनके देश के बारे में जान सकेगी। गूगल ने 200 देशों में से अब तक 87 देशों की बड़े पैमाने पर मैपिंग की है। इसमें कई अफ्रीकी देशों को शामिल नहीं किया है।
विज्ञापन
गूगल से बात करने के बाद 360 डिग्री वाला कैमरा लेकर कान्हेमा अपने मिशन को पूरा करने के लिए निकल पडे। जिम्बॉब्वे को नक्शे पर रखकर कान्हेमा ने वहां के नदी-पहाड़ के साथ-साथ करीब 3,218 किलोमीटर तक के हर गली-कूचे की की तस्वीर लेकर उसे गूगल मैप पर लगवाने के लिए गूगल को मजबूर किया।
विज्ञापन
ये काम कान्हेमा ने स्वेच्छा से किया और इस काम के लिए उन्हें अपनी जेब से पांच लाख रुपये अलग से लगाने पड़े। कान्हेमा के इस काम से गूगल इतना प्रभावित हुआ कि गूगल ने तवांडा कान्हेमा को इस काम के लिए सम्मानित कर उसे एक सर्टिफिकेट भी दिया। गूगल स्ट्रीट व्यू एक ऐसी तकनीक है जिसकी मदद से गूगल मैप और गूगल अर्थ पर दुनियाभर की सड़कों का पैनोरमा व्यू देखा जा सकता है।
विज्ञापन
इस तकनीक की सहायता से नेविगेशन की सुविधा का फायदा भी उठाया जा सकता है। जुनूनी कान्हेमा ने कहा कि उन्हें सिर्फ अपना शहर मैप पर नहीं दिखाना था बल्कि वो दुनिया को बताना चाहता था कि जिम्बॉब्वे की संस्कृति क्या है, वो कैसे जीते हैं, कैसे उनका काम-काज चलता है।
कान्हेमा ने गूगल से स्ट्रीट व्यू के लोन से 360 डिग्री वाला कैमरा लिया ताकि वो सड़कों और जिम्बॉब्वे के पर्यटन स्थलों का बेहतर चित्र दिखा सके। उन्होंने पिछले दो साल में यहां की नेशनल सफारी, जमबेजी नदी, विक्टोरिया फॉल्स, राजधानी हरारे की सड़कों समेत करीब दो हजार मील तक का रास्ता नक्शे में शामिल करवा ही लिया है।
तवांडा कान्हेमा ने एक डाक्यूमेेंट्री भी बनाई है। इसमें जिम्बॉब्वे के खूबसूरत नजारे दिखाए गए हैं, जो गूगल में देखे जा सकते हैं। कान्हेमा ने उम्मीद जताई कि इस प्रयास से उसके देश के टूरिज्म रेवेन्यू को बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही पूरी दुनिया उनके देश के बारे में जान सकेगी। गूगल ने 200 देशों में से अब तक 87 देशों की बड़े पैमाने पर मैपिंग की है। इसमें कई अफ्रीकी देशों को शामिल नहीं किया है।