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अफगानिस्तान: देश में गरीबी की मार, करीब 90 फीसदी स्वास्थ्य केंद्र 2022 के अंत तक हो सकते हैं बंद
Sat, 08 Jan 2022 10:45 PM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Amit Mandal
Updated Sat, 08 Jan 2022 10:45 PM IST
सार
बिगड़ती स्थिति के मद्देनजर आईआरसी ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से आगे आने और मदद देकर अफगानिस्तान के स्वास्थ्य क्षेत्र की सहायता करने का आह्वान किया है।
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अफगानिस्तान
- फोटो : Social media
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विस्तार
अंतर्राष्ट्रीय बचाव समिति (आईआरसी) की एक ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा आर्थिक स्थिति के कारण अफगानिस्तान के लगभग 90 प्रतिशत स्वास्थ्य केंद्र 2022 के अंत तक बंद हो सकते हैं। खामा प्रेस ने आईआरसी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अगर मौजूदा आर्थिक और राजनीतिक स्थिति जारी रहती है, तो लाखों अफगान लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं की सुविधा के बिना छोड़ दिया जाएगा और लाखों लोगों की जान जा सकती है।
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97 प्रतिशत लोगों को भुखमरी का सामना करना पड़ सकता है
अफगानिस्तान के लोगों के लिए अंधकारमय भविष्य की चेतावनी देते हुए रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2022 के अंत तक देश के 97 प्रतिशत लोगों को भुखमरी का सामना करना पड़ सकता है। आईआरसी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति में अफगानिस्तान में करीब 90 फीसदी स्वास्थ्य केंद्रों को बंद कर सकती है।
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बिगड़ती स्थिति के मद्देनजर आईआरसी ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से आगे आने और मदद देकर अफगानिस्तान के स्वास्थ्य क्षेत्र की सहायता करने का आह्वान किया है। इस बीच विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) ने हाल ही में कहा कि वर्तमान में अफगानिस्तान में श्रमिकों की छंटनी और कठिन आर्थिक परिस्थितियों का सामना करने के कारण देश में गंभीर गरीबी देखी जा रही है। डब्ल्यूएफपी ने यह भी कहा कि संगठन को अब भुखमरी के कगार पर खड़े करीब 2.3 करोड़ अफगान लोगों को खिलाने के लिए 2.6 बिलियन अमरीकी डॉलर तक की जरूरत है।
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