{"_id":"632f342676986a1ed96d30f2","slug":"84-protesters-arrested-for-anti-government-march-in-sri-lanka-police","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sri Lanka: सरकार विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले 84 लोग गिरफ्तार, सोशल यूथ फ्रंट के कार्यकर्ता भी शामिल","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Sri Lanka: सरकार विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले 84 लोग गिरफ्तार, सोशल यूथ फ्रंट के कार्यकर्ता भी शामिल
Sat, 24 Sep 2022 10:15 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 24 Sep 2022 10:15 PM IST
सार
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वह लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन सरकार उन्हें गिरफ्तार करने के लिए आतंकवाद रोकथाम अधिनियम का इस्तेमाल कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने इसे राज्य द्वारा दमन करार दिया है।
विज्ञापन
श्रीलंका संकट (फाइल)
- फोटो : Amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
श्रीलंकाई पुलिस ने शनिवार को सोशलिस्ट यूथ फ्रंट के कार्यकर्ताओं समेत 84 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह जानकारी दी है।
विज्ञापन
पुलिस ने सोशलिस्ट यूथ फ्रंट के कार्यकर्ता जब एक मार्च में सेंट्रल कोलंबो के लिप्टन सर्कस से फोर्ट रेलवे स्टेशन की ओर आगे बढ़ रहे तभी पुलिस ने उन पर आंसू गैस के गोले दागे।
विज्ञापन
वहीं प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वह लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन सरकार उन्हें गिरफ्तार करने के लिए आतंकवाद रोकथाम अधिनियम का इस्तेमाल कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने इसे राज्य द्वारा दमन करार दिया है।
विज्ञापन
पुलिस ने बताया कि उसने आज दोपहर सड़क पर विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले 84 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है।
हालांकि, प्रदर्शन की योजना लंबे समय तक के लिए बनाई गई थी। यह प्रदर्शन तब किया जा रहा था जब एक दिन पहले श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे द्वारा एक विशेष गजट अधिसूचना के जरिए कई प्रमुख सरकारी भवन क्षेत्रों को उच्च सुरक्षा क्षेत्र घोषित किया गया। इन उच्च सुरक्षा क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन को प्रतिबंधित किया गया था।
अधिसूचना में संसद के आसपास के क्षेत्रों, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट कॉम्पलैक्स, मजिस्ट्रेट कोर्ट कॉम्पलैक्स और अटार्नी जनरल के विभाग, राष्ट्रपति सचिवालय, राष्ट्रपति भवन, श्रीलंका के नौसेना मुख्यालय और पुलिस मुख्यालय को उच्च सुरक्षा क्षेत्र घोषित किया गया था।
श्रीलंका के बार एसोसिएशन ने एक बयान में कहा कि वे यह सुनिश्चित करने के लिए राजपत्र आदेश (अधिसूचना) के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे ताकि लोगों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन न हो।