भारत ने रखा संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव, आतंकवाद के खिलाफ 75 देश एक साथ
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दुनियाभर के लिए आतंकवाद सबसे बड़ा खतरा बन गया है। इसके खिलाफ भारत लगातार आवाज उठाता रहा है। वैश्विक मंच पर भारत ने एक बार फिर ये मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा, आतंकवादियों को हथियार हासिल करने से रोकने को लेकर भारत ने सालाना प्रस्ताव रखा। 75 देशों ने इसे समर्थन दिया और संयुक्त राष्ट्र महासभा की पहली समिति में आम सहमति से स्वीकार किया गया।
Delighted that annual resolution tabled by India "Measures to prevent terrorists from acquiring weapons of mass destruction" was cosponsored by over 75 nations & adopted today by consensus in 1st Committee of UN General Assembly: Permanent Representative of India to UN, New York pic.twitter.com/K8D7xO3dth
— ANI (@ANI) November 4, 2020
तिरुमूर्ति ने ट्विटर पर लिखा, 'आतंकवाद का मुकाबला करने में भारत सबसे आगे है। खुशी है कि भारत द्वारा आतंकवादियों को हथियार हासिल करने से रोकने को लेकर उपाय के प्रस्ताव को 75 से अधिक देशों ने स्वीकार किया है और आज इसे संयुक्त राष्ट्र महासभा की पहली समिति में आम सहमति से अपनाया गया।'
भारत, राज्य प्रायोजित सीमा-पार आतंकवाद से पीड़ित रहा है। इसके अलावा भारत अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए इस गंभीर खतरे को उजागर करने और आतंकवादी समूहों द्वारा बड़े पैमाने पर विनाशकारी हथियारों के अधिग्रहण को लेकर चिंता जाहिर करने में सबसे आगे रहा है।
अपने वार्षिक प्रस्ताव 'आतंकवादियों को सामूहिक विनाश के हथियार प्राप्त करने से रोकने के उपाय' के जरिए भारत ने आतंकवादियों को बड़े पैमाने पर विनाश के हथियार और वितरण प्रणालियों को रोकने के लिए अधिक से अधिक अंतरराष्ट्रीय सहयोग करने का आग्रह किया है।
भारत के इस प्रस्ताव को 75 से ज्यादा देशों का समर्थन प्राप्त है और बिना वोटिंग के इसे आम सहमति से स्वीकार किया गया है। भारत ने महासभा में इस मुद्दे पर चर्चा करने और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1540 को अपनाने का आह्वान किया है। जो सभी देशों को परमाणु, रासायनिक या जैविक हथियारों और उनके वितरण के साधनों के विकास, अधिग्रहण, विनिर्माण, परिवहन, हस्तांतरण या उपयोग करने रोकता है।