रूस का अंतरिक्ष यान सोयूज अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए शनिवार को रवाना किया जाएगा। यह यान चांद पर मानव के कदम रखने के 50 साल पूरे होने के मौके पर कजाकिस्तान के बैकानूर अंतरिक्ष केंद्र से रवाना किया जाएगा। यह अमेरिका, इटली और रूस के एक-एक अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर रवाना होगा।
इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग बैकानूर पहुंचने लगे हैं। उल्लेखनीय है कि नील आर्मस्ट्रांग ने 20 जुलाई 1969 को चांद पर कदम रखा था। उस समय उन्होंने कहा था कि एक इंसान का यह छोटा कदम मानव जाति के लिए बड़ा कदम साबित होगा।
रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोसमोस के अलेक्जेंडर स्कोवर्त्सोव, नासा के एंड्रयू मॉर्गन और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के लुका परमिटानो अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए कजाकिस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से यात्रा करेंगे। 20 जुलाई, 1969 में नासा के नील आर्मस्ट्रांग और बज एल्ड्रिन सोवियत संघ के साथ तथाकथित अंतरिक्ष की दौड़ में एक निर्णायक क्षण को चिह्नित करते हुए चंद्रमा पर उतरे थे।
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सोयूज अंतरिक्ष यान
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1969 के चंद्रमा के उतरने के पांच दशक बाद, रूस और पश्चिम अभी भी अंतरिक्ष में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, भले ही आईएसएस में सहयोग पर जोर दिया गया हो। नासा अब आईएसएस के लिए मानवयुक्त उड़ानों का संचालन नहीं करता है जो इसे रोस्कोस्मोस के सोयूज कार्यक्रम पर पूरी तरह से निर्भर करता है।
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सोयूज में जाने वाले अंतरिक्ष यात्री
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लेकिन हाल के समय में स्पेसएक्स और बोइंग जैसी निजी कंपनियों ने आईएसएस के लिए मानव-लॉन्च पर रूसी एकाधिकार को समाप्त करने के लिए बोली लगाई है, जो नासा के साथ अरबों रुपए का सौदा कर रहे हैं। इस बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2024 तक चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने के लिए एक महत्वाकांक्षी समय सीमा निर्धारित की है।