मानवाधिकार परिषद में भारत ने कहा- ऑनलाइन और सोशल मीडिया बन रहा है आतंकवाद का माध्यम
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मानवाधिकार परिषद के 45 वें सत्र के दौरान संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव पवन बाधे ने कहा कि ऑनलाइन और सोशल मीडिया के माध्यम से आतंकवाद और भी ज्यादा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आतंकवादी घृणा फैलाने वाले भाषणों, फर्जी समाचारों और गलत सिद्धांतों के माध्यम से गलत सूचना प्रसारित करके लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एक और चिंता करने वाली बात यह है कि चैरिटी के नाम पर आतंकी संगठनों द्वारा फंड एकत्रित किए जा रहे हैं लेकिन वास्तव में इसे आतंक का वित्तपोषण करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।Increased presence of people online & on social media has been targeted by terrorists to disseminate misinformation through hate speeches, fake news & doctored videos: Pawan Badhe, First Secretary at Permanent Mission of India to UN at 45th Session of Human Rights Council, Geneva pic.twitter.com/TRqfVvhohC
— ANI (@ANI) September 25, 2020विज्ञापन
बाधे ने आगे कहा कि आतंकवाद आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए एक गंभीर खतरा है। यह लोकतंत्र और कानून को कमजोर करता है एवं अभिव्यक्ति और संघ की स्वतंत्रता के खिलाफ एक हमला है।
Terrorism is grossest affront to enjoyment of inalienable right to life & to live in peace security. It poses a serious threat to economic&social development,undermines democracy&jeopardizes rule of law. It's an attack against freedom of thought,expression&association:Pawan Badhe
— ANI (@ANI) September 25, 2020