US: कोलंबिया विश्वविद्यालय और सिटी कॉलेज से 282 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार, इस्राइल का कर रहे थे विरोध
अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय और सिटी कॉलेज से इस्राइल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे 282 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सभी प्रदर्शन गाजा में जारी इस्राइली हमले का विरोध कर रहे थे।
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गाजा और इस्राइल के बीच जारी युद्ध के कारण अमेरिका में तनाव बढ़ने लगा है। अमेरिकी विश्वविद्यालय के परिसरों में प्रदर्शन हो रहे हैं। न्यूयॉर्क में प्रदर्शन में शामिल लोगों की बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हो रही हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, न्यूयॉर्क शहर के एनवाईपीडी ने बताया कि कोलंबिया विश्वविद्यालय और न्यूयॉर्क के सिटी कॉलेज में मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक लगभग 282 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने इससे पहले, कोलंबिया विश्वविद्यालय के हैमिल्टन हॉल पर कब्जा किए छात्रों को हटाया, जो वहां 30 अप्रैल से डटे हुए थे। यह हॉल पहले रंग भेद के खिलाफ जारी संघर्षों के लिए जाना जाता रहा है। हालांकि, अब उसे हिंड्स हॉल कहा जा रहा है, जो हिंद रज्जब की याद दिलाता है। हिंद रज्जब छह साल की एक बच्ची थी, जिसे इस्राइली बलों ने गाजा में परिवार के साथ मार डाला था। कोलंबिया विश्वविद्यालय के छात्र और पत्रकार मेघनाद बोस पुलिसिया कार्रवाई के प्रत्यक्षदर्शी रहे। उन्होंने बताया कि मैंने खुद देथा कि कैसे पुलिस ने उन प्रदर्शनों को तितर-बितर किया। छात्रों को गिरफ्तार किया गया।
मामले में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन जीन पियरे ने बताया कि देश भर की घटनाओं के बारे में राष्ट्रपति को नियमित रूप से अपडेट दिया जा रहा है। स्थिति पर उनकी बारीकी से नजर है। राष्ट्रपति बाइडन की तुलना में किसी भी अन्य राष्ट्रपति ने यहूदी विरोधी भावना से लड़ने के बारे में इतनी मजबूती से बात नहीं की।
#WATCH | On instances of violence in institutions of higher learning across the country, White House press secretary Karine Jean Pierre says, "The President is being kept regularly updated on what’s happening, as you just stated, across the country. He is monitoring the situation… pic.twitter.com/D3kFZO4AQM
— ANI (@ANI) May 1, 2024
क्या राष्ट्रपति कार्रवाई का करते हैं समर्थन?
क्या राष्ट्रपति बाइडन न्यूयॉर्क और अन्य कॉलेज परिसरों में पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करते हैं, इस सवाल का जवाब देते हुए व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन जीन पियरे ने कहा कि अमेरिकियों को शांतिपूर्वक विरोध करने का अधिकार है। जब तक कि विरोध कानून के तहत हो। किसी इमारत पर जबरन कब्जा करना शांतिपूर्ण नहीं होता। छात्रों को भी सुरक्षित महसूस करने का अधिकार है।
#WATCH | When asked if the President supports the police clearing operations in New York & other college campuses, White House press secretary Karine Jean Pierre says, "Americans have the right to peacefully protest. They have the right to peacefully protest as long as it’s… pic.twitter.com/yBRn4em7CS
— ANI (@ANI) May 1, 2024
कई जगह भड़के प्रदर्शन
नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी ने छात्रों व शिक्षकों के साथ एक समझौता कर 1 जून तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दी। बदले में, सहायता के लिए एक को छोड़कर सभी टेंटों को हटाने की शर्त रखी। दक्षिणी कैलिफोर्निया विवि में 90 मिनट धरना दिया गया। हार्वर्ड, येल, पेंसिल्वेनिया विवि में भी गतिरोध रहा। वर्जीनिया कॉमनवेल्थ यूनिवर्सिटी में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़पें हुईं।
व्हाइट हाउस ने की निंदा
एक वीडियो में कोलंबिया यूनिवर्सिटी में एक भारतीय मूल की छात्रा प्रदर्शन करते दिख रही है और वह 'आजादी, ले के रहेंगे आजादी' जैसे नारे लगा रही है। कुछ साल पहले भारतीय विश्वविद्यालयों में भी ऐसे ही नारे सुनाई दिए थे। व्हाइट हाउस ने विश्वविद्यालयों में चल रहे इन विरोध प्रदर्शनों पर नाराजगी जताई। राष्ट्रपति जो बाइडन से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यहूदियों के खिलाफ हो रहे इन विरोध प्रदर्शनों की मैं कड़ी निंदा करता हूं। मैं उन लोगों की भी निंदा करता हूं, जो ये नहीं समझते कि फलस्तीन में क्या हो रहा है।