Pakistan: दुनियाभर की जेलों में 23456 पाकिस्तानी कैद; दुष्कर्म, हत्या-नशा और धोखाधड़ी के मामलों में हुई है सजा
सऊदी अरब और यूएई को छोड़ दें तो पश्चिम एशिया के अन्य देशों में भी पाकिस्तानियों का ट्रैक रिकॉर्ड खराब बना हुआ है। यहां कतर में 338 और ओमान में 309 पाकिस्तानी नशा तस्करी, हत्या, डकैती और यौन उत्पीड़न में दोषी ठहराए गए हैं। मलयेशिया में ऐसे अपराधों के लिए 255 पाकिस्तानियों को दोषी ठहराया गया है।
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पाकिस्तान के 23,000 लोग दुनियाभर में दुष्कर्म, हत्या, मादक पदार्थों की तस्करी और धोखाधड़ी समेत विभिन्न अपराधों में जेल की सलाखों के पीछे बंद है। यह बात पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने नेशनल असेंबली को सूचित करते हुए बताई। उसने कहा, वर्तमान में 23,456 पाकिस्तानी नागरिक विदेशों में सलाखों के पीछे कैद हैं। इनमें से सबसे अधिक 12,156 कैदी सऊदी अरब में बंद हैं।
पाकिस्तान के डॉन अखबार ने यह जानकारी विदेश मंत्रालय के हवाले से जारी की है। डॉन ने बताया कि निचले सदन के प्रश्नकाल के दौरान विदेश मंत्रालय ने यह बयान दिया है। डॉन ने बताया, एक लिखित जवाब में मंत्रालय ने कहा कि यूएई में दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा 5,292 पाकिस्तानी कैदी हैं। चीन में कैद 400 पाकिस्तानियों में से अधिकांश को ड्रग तस्करी, दुष्कर्म, डकैती, हत्या और जाली मुद्रा के मामलों में दोषी ठहराया गया है। बहरीन में कैद 450 पाकिस्तानियों को ड्रग तस्करी, ड्रग्स रखने और धोखाधड़ी के मामलों में दोषी ठहराया गया था। अफगानिस्तान ने 88 पाकिस्तानियों को निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रहने और सुरक्षा संबंधी अपराधों के लिए दोषी ठहराया है।
पश्चिम एशिया में खराब रिकॉर्ड
सऊदी अरब और यूएई को छोड़ दें तो पश्चिम एशिया के अन्य देशों में भी पाकिस्तानियों का ट्रैक रिकॉर्ड खराब बना हुआ है। यहां कतर में 338 और ओमान में 309 पाकिस्तानी नशा तस्करी, हत्या, डकैती और यौन उत्पीड़न में दोषी ठहराए गए हैं। मलयेशिया में ऐसे अपराधों के लिए 255 पाकिस्तानियों को दोषी ठहराया गया है।
मित्र देश तुर्किये में भी 147 बंद
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने स्वीकार किया कि अन्य देश जहां पाकिस्तानियों को कैद किया गया, उनमें कनाडा में नौ, डेनमार्क में 27 शामिल हैं। मित्र देश तुर्किये में 147 कैदी और अजरबैजान में 16 में से 11 कैदी संगीन मामलों में दोषी साबित हुए हैं।
वहीं, जम्मू कश्मीर गिलगित बाल्टिस्तान व लद्दाख के लिए राष्ट्रीय समानता पार्टी के अध्यक्ष प्रोफेसर सज्जाद राजा ने पाकिस्तानी कब्जे वाले इलाके में जीवन की कठोर वास्तविकताओं का खुलासा किया। ऑपरेशन सिंदूर पर बात करते हुए उन्होंने पाकिस्तान में आतंकवाद को समर्थन पर प्रकाश डाला। राजा ने कहा, ऑपरेशन ने आतंकी गुटों व पाकिस्तानी सेना को अधिक सतर्क बना दिया है। वह बोले, पाकिस्तान में 50% मस्जिदें आतंकवाद के लिए मोर्चे का काम कर रही हैं। प्रोफेसर सज्जाद राजा ने कहा, सेना खुद नहीं मरती। यह मरने के लिए कठपुतलियों को भेजती है, इसलिए वे डरे हुए नहीं हैं। अब वे निश्चित रूप से अधिक सतर्क होंगे क्योंकि उनका पर्दाफाश हो गया है।
आतंकी शिविरों के अस्तित्व पर उन्होंने कहा, पीओजेके और पूरे पाकिस्तान में अभी भी कई आतंकी शिविर चल रहे हैं। वास्तव में, पाकिस्तान में लगभग 50% मस्जिदें आतंकवाद का मोर्चा बन गई हैं। यहां अभी भी लोगों को हमलों के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। विकास की तुलना में आतंकवाद के प्रति पाकिस्तान के जुनून को समझाते हुए राजा ने कहा, देश में सेना की नीति अर्थव्यवस्था और समाज पर हावी है। उन्होंने कहा, पाकिस्तानी सेना 54 वाणिज्यिक कंपनियां चलाती है और इस कथन पर फलती-फूलती है कि भारत एक अस्तित्वगत खतरा है।