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मुंबई ब्लास्ट: जिस मोस्ट वॉन्टेड आतंकी की 29 साल से तलाश कर रहा था भारत, सुरक्षा एजेंसियों ने उसे यूएई में दबोचा
Fri, 04 Feb 2022 11:34 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Fri, 04 Feb 2022 11:34 PM IST
सार
बताया गया है कि अबु बक्र का जल्द ही भारत प्रत्यर्पण किया जाएगा। अबु का नाम पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में हथियारों और विस्फोटकों की ट्रेनिंग देने वाले आतंकियों में शामिल रहा है।
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मुंबई ब्लास्ट
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विस्तार
भारत की सुरक्षा एजेंसियों के हाथ बड़ी सफलता लगी है। बताया गया है कि 1993 में मुंबई में हुए सीरियल ब्लास्ट के मामले में 29 सालों से फरार चल रहे मोस्ट वॉन्टेड आतंकी अबु बक्र को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से गिरफ्तार कर लिया गया है। मुंबई में हुए इईस सीरियल ब्लास्ट में अलग-अलग जगहों पर 257 लोग मारे गए थे, जबकि 713 लोग घायल हुए थे।
बताया गया है कि अबु बक्र का जल्द ही भारत प्रत्यर्पण किया जाएगा। अबु का नाम पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में हथियारों और विस्फोटकों की ट्रेनिंग देने वाले आतंकियों में शामिल रहा है। इसके अलावा उस पर मुंबई में सीरियल ब्लास्ट के दौरान इस्तेमाल हुए आरडीएक्स को भारत लाने का आरोप है। वह पिछले काफी समय से पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात में छिपकर रह रहा था। हालांकि, यूएई की एजेंसियों के सहयोग से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने उसे धर दबोचा।
तीन साल पहले भी हुआ था गिरफ्तार, दस्तावेज की कमी से छूट गया था
इससे पहले 2019 में भी अबु बक्र को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, कुछ दस्तावेज कम होने के कारण वो यूएई के अधिकारियों की हिरासत से खुद को रिहा कराने में कामयाब रहा था। इस बार भारतीय एजेंसियां अबु बक्र के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में हैं। इसके बाद आतंकी को भारत के कानून का सामना करना पड़ेगा।
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1997 में जारी हुआ था रेड कॉर्नर नोटिस
अबु बक्र जिसका पूरा नाम अबु बक्र अब्दुल गफूर शेख है। उसका नाम मोहम्मद और मुस्तफा दोसा के साथ तस्करी के मामलों में भी जुड़ा है। ये दोनों दाऊद इब्राहिम के खास थे। वह खाड़ी देशों से सोना, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स की तस्करी करके मुंबई और आसपास के इलाकों में लाता था। 1997 में उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था और तब से उसे पकड़ने की तलाश जारी थी जो अब संयुक्त अरब अमीरात के सूत्रों के अनुसार सफल रही है। अबु बक्र ने एक ईरानी नागरिक से शादी की है जो उसकी दूसरी पत्नी है।
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बताया गया है कि अबु बक्र का जल्द ही भारत प्रत्यर्पण किया जाएगा। अबु का नाम पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में हथियारों और विस्फोटकों की ट्रेनिंग देने वाले आतंकियों में शामिल रहा है। इसके अलावा उस पर मुंबई में सीरियल ब्लास्ट के दौरान इस्तेमाल हुए आरडीएक्स को भारत लाने का आरोप है। वह पिछले काफी समय से पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात में छिपकर रह रहा था। हालांकि, यूएई की एजेंसियों के सहयोग से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने उसे धर दबोचा।
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तीन साल पहले भी हुआ था गिरफ्तार, दस्तावेज की कमी से छूट गया था
इससे पहले 2019 में भी अबु बक्र को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, कुछ दस्तावेज कम होने के कारण वो यूएई के अधिकारियों की हिरासत से खुद को रिहा कराने में कामयाब रहा था। इस बार भारतीय एजेंसियां अबु बक्र के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में हैं। इसके बाद आतंकी को भारत के कानून का सामना करना पड़ेगा।
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1997 में जारी हुआ था रेड कॉर्नर नोटिस
अबु बक्र जिसका पूरा नाम अबु बक्र अब्दुल गफूर शेख है। उसका नाम मोहम्मद और मुस्तफा दोसा के साथ तस्करी के मामलों में भी जुड़ा है। ये दोनों दाऊद इब्राहिम के खास थे। वह खाड़ी देशों से सोना, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स की तस्करी करके मुंबई और आसपास के इलाकों में लाता था। 1997 में उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था और तब से उसे पकड़ने की तलाश जारी थी जो अब संयुक्त अरब अमीरात के सूत्रों के अनुसार सफल रही है। अबु बक्र ने एक ईरानी नागरिक से शादी की है जो उसकी दूसरी पत्नी है।