{"_id":"5cc66b50bdec22077441293b","slug":"17-year-old-indian-student-simon-nurali-selected-in-seven-universities-of-us","type":"story","status":"publish","title_hn":"ज्ञान को सम्मान: 17 साल की भारतीय छात्रा का यूएस की सात विश्वविद्यालयों में हुआ चयन","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
ज्ञान को सम्मान: 17 साल की भारतीय छात्रा का यूएस की सात विश्वविद्यालयों में हुआ चयन
Mon, 29 Apr 2019 08:41 AM IST
Priyesh Mishra
वर्ल्ड डेस्क, दुबई
वर्ल्ड डेस्क, दुबई
Published by: Priyesh Mishra
Updated Mon, 29 Apr 2019 08:41 AM IST
विज्ञापन
university of pennsylvania
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय छात्रा सिमोन नूराली का चयन यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिलवेनिया और प्रतिष्ठित आईवी लीग स्कूल समूह में शामिल डार्टमाउथ कॉलेज सहित अमेरिका की सात प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों में हुआ है। वर्तमान में वह दुबई में रह रही हैं।
इसके अलावा जिन विश्वविद्यालयों में सिमोन का चयन हुआ है उसमें जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी, कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी, इमोरी यूनिवर्सिटी और जॉर्ज टाउन यूनिवर्सिटी शामिल हैं।
सिमोन नूराली दुबई के मिरदिक स्थित अपटाउन स्कूल में पढ़ती हैं। उन्होंने भारत में मानव तस्करी पर 'द गर्ल इन द पिंक रूम' नाम की किताब भी लिखी है।
विज्ञापन
सिमोन नूराली से जब यह पूछा गया कि वह कौन से विश्वविद्यालय में प्रवेश लेंगी तो उन्होंने कहा कि 'मैं उसी यूनिवर्सिटी में जाऊंगी, जिसका इंटरनेशनल रिलेशन और इकोनॉमिक्स का कोर्स सबसे बेहतर होगा।'
सिमोन की इस उपलब्धि पर उनके माता-पिता ने गर्व जाहिर किया। पिता समीर नूराली ने कहा कि मेरी बेटी इस बात का उदाहरण है कि कोई भी छात्र मेहनत के दम पर बिना पैसे के किसी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में दाखिला ले रहा है।
विज्ञापन
इसके अलावा जिन विश्वविद्यालयों में सिमोन का चयन हुआ है उसमें जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी, कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी, इमोरी यूनिवर्सिटी और जॉर्ज टाउन यूनिवर्सिटी शामिल हैं।
विज्ञापन
सिमोन नूराली दुबई के मिरदिक स्थित अपटाउन स्कूल में पढ़ती हैं। उन्होंने भारत में मानव तस्करी पर 'द गर्ल इन द पिंक रूम' नाम की किताब भी लिखी है।
विज्ञापन
सिमोन नूराली से जब यह पूछा गया कि वह कौन से विश्वविद्यालय में प्रवेश लेंगी तो उन्होंने कहा कि 'मैं उसी यूनिवर्सिटी में जाऊंगी, जिसका इंटरनेशनल रिलेशन और इकोनॉमिक्स का कोर्स सबसे बेहतर होगा।'
सिमोन की इस उपलब्धि पर उनके माता-पिता ने गर्व जाहिर किया। पिता समीर नूराली ने कहा कि मेरी बेटी इस बात का उदाहरण है कि कोई भी छात्र मेहनत के दम पर बिना पैसे के किसी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में दाखिला ले रहा है।