व्यस्त सड़कों के पास रहने वाले लोगों में फेफड़ों का कैंसर होने का खतरा 10 फीसदी अधिक
व्यस्त सड़कों के 50 मीटर के दायरे में रहने वाले लोगों में फेफड़े का कैंसर होने का खतरा 10 फीसदी अधिक होता है। लंदन के किंग्स कॉलेज द्वारा लंदन और पोलैंड के 13 अलग-अलग शहरों में किए गए शोध में इसका खुलासा हुआ है। इसमें सबसे प्रदूषित इलाके में रहने वाले और सामान्य प्रदूषण वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को शामिल किया गया और उनके स्वास्थ्य की स्थिति की तुलना की गई।
रिपोर्ट स्वास्थ्य और पर्यावरण क्षेत्र से जुड़े 15 संगठनों ने संयुक्त रूप से जारी की है। तौंकाने वाली बात यह है कि व्यस्त सड़कों और राजमार्गों के पास बने मकानों में रहने वाले बच्चों के फेफड़े का विकास तीन से 14 फीसदी तक प्रभावित होता है।
बच्चों को अधिक खतरा क्यों?
डब्ल्यूएचओ (विश्व स्वास्थ्य संगठन) ने साल 2018 में कहा था कि दूषित हवासे सबसे अधिक नुकसान बच्चों को ही होता है। बच्चों का फेफड़ा छोटा होता है और उनकी सांस लेने की गति अधिक होती है। ऐसे में वे अधिक मात्रा में हवा भीतर लेते हैं। ऐसे में दूषित कण अधिक जाएंगे।
हम हर दिन वायु प्रदूषण के घातक दुष्प्रभावों को देख रहे हैं जिसका सीधा असर हमारे फेफड़ों पर पड़ रहा है। बच्चों के विकसित हो रहे फेफड़ों पर इसका दुष्प्रभाव अधिक देखने को मिल रहा है।
- डॉ. पेनी वुड्स, चीफ एग्जीक्यूटिव, ब्रिटिश लंग फाउंडेशन