BSF Raising day: बीएसएफ का दावा, पशु तस्करी हुई शून्य, सीमा पार अपराधों पर लगा अंकुश
BSF Raising day: बीएसएफ के 58वें राइजिंग डे के अवसर पर आईजी डॉ. अतुल फुलझेले ने बताया कि सीमा सुरक्षा बल की स्थापना 01 दिसंबर, 1965 को भारत की पूर्वी और पश्चिमी सीमाओं की रक्षा के लिए की गई थी। प्रारंभ में बीएसएफ का गठन 25 वाहिनियों के साथ किया गया था, जिसमें राज्यों के विभिन्न सशस्त्र पुलिस बलों के सैनिक शामिल थे...
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सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों के अथक प्रयासों से हमने पिछले एक वर्ष में पशु तस्करी को खत्म कर दिया यानि स्तर शून्य पर ले आए हैं। इसके साथ ही सीमा पार अपराधों पर भी काफी हद तक अंकुश लगा है। हमारे जवान चौबीसों घंटे, सतर्क हैं और सीमा पार से होने वाली हर एक वारदात पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। यह बात बीएसएफ के 58वें राइजिंग डे के अवसर पर बीएसएफ मुख्यालय पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बीएसएफ के आईजी डॉ. अतुल फुलझेले ने कही। वे एक वर्ष का लेखाजोखा प्रस्तुत कर रहे थे।
दक्षिण बंगाल सीमांत पूर्वी कमान के सबसे महत्वपूर्ण सीमांतों में से एक है। यह बांग्लादेश के साथ 913 किलोमीटर की अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है, जो दक्षिण में एस्ट्यूरी पॉइंट से शुरू होकर मालदा जिले के उत्तरी भाग तक उत्तर की ओर सुंदरबन के साथ चलती है।
डॉ. फुलझेले ने सीमा सुरक्षा बल की स्थापना 01 दिसंबर, 1965 को भारत की पूर्वी और पश्चिमी सीमाओं की रक्षा के लिए की गई थी। राष्ट्रीय स्तर पर बीएसएफ का 58वां स्थापना दिवस चार दिसंबर को अमृतसर में मनाया जा रहा है। प्रारंभ में बीएसएफ का गठन 25 वाहिनियों के साथ किया गया था, जिसमें राज्यों के विभिन्न सशस्त्र पुलिस बलों के सैनिक शामिल थे। अब समय बीतने के साथ इस बल की ताकत लगभग 2.65 लाख मानव शक्ति के साथ 04 एनडीआरएफ वाहिनियों सहित 193 बटालियन हो गई है, इसके अलावा बल में 07 आर्टिलरी वाहिनियां, 08 वाटर विंग और 01 एयर विंग भी हैं। बीएसएफ पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान के साथ और पूर्वी सीमा पर बांग्लादेश के साथ भारतीय सीमा की रक्षा करता है।
बीएसएफ ने न केवल भारत की सीमाओं को सुरक्षित किया है, बल्कि विभिन्न अवसरों पर नागरिक प्रशासन की सहायता भी की है। 1971 में बांग्लादेश मुक्ति संग्राम और पाकिस्तान के खिलाफ कारगिल युद्ध के दौरान बीएसएफ की भूमिका, पंजाब और जम्मू कश्मीर में आतंकवाद से लड़ने में बीएसएफ की भूमिका और छत्तीसगढ़ और ओडिशा में नक्सलवाद पर काबू पाने में बीएसएफ की भूमिका की व्यापक रूप से सराहना की गई है।
नवीन तकनीक
सीमा प्रबंधन में नवीनतम तकनीक और कम लागत वाले तकनीकी समाधानों का उपयोग किया जा रहा है। ईएसवीपी (इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस फॉर वल्नरेबल पैच) के तहत परियोजना का व्यापक अध्ययन किया गया और कमजोर पैच की पहचान की गई। सीसीटीवी, बुलेट कैमरा, पीटीजेड कैमरा, ड्रोन सर्विलांस लगाकर इन पैच को कवर करने का काम प्रगति पर है।
ऑपरेशनल उपलब्धियां
दक्षिण बंगाल सीमांत की विभिन्न वाहिनियों ने करीब 80 करोड़ मूल्य के सामानों की जब्ती की।
| जब्त सामान | संख्या | मूल्य (कीमत रुपये में) |
| फेंसेडील | 2,37,585 | 4,64,64,360 |
| सोना | 105.9 किग्रा | 54,74,57,683 |
| चांदी | 481.180 किग्रा | 2,50,74,961 |
| गांजा | 2712 किग्रा | |
| जाली भारतीय करेंसी नोट | 3,33,500 | |
| मवेशी | 1,030 नग | 1,43,05,431 |
| शस्त्र | 06 नग | |
| गोला बारूद | 05 नग |
डॉ. फुलझेले ने बताया कि इस तरह से बीएसएफ ने एक साल में कुल जब्ती मूल्य= 78,51,99,837 रुपये के सामानों की जब्ती की। उन्होंने बताया कि सुंदरबन पर बेहतर काम के लिए इस वर्ष छह और फ्लोटिंग बीओपी को सुंदरबन के मुहाने से लेकर बीओपी समशेरनगर तक शामिल किया गया। इससे बीएसएफ की ताकत और बढ़ गई है। बीएसएफ, सुंदरबन में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार प्रोटोकॉल रूट से गुजरने वाले निर्यात/आयात जहाजों को सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम है।
इस दौरान बीजीबी के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखना और सीमावर्ती आबादी में विश्वास पैदा करने के लिए साल 2022 के दौरान, बीएसएफ और बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश के बीच 02 आईजी स्तर की वार्ता, 04 सेक्टर कमांडर स्तर की बैठकें और 18 बटालियन कमांडर स्तर की बैठकें आयोजित की गईं। दो सीमा रक्षक बलों के बीच सहयोग और समन्वय का स्तर उच्चतम स्तर पर है। इसी दौरान मैत्री साइकिल रैली सिलीगुड़ी से आईसीपी पेट्रापोल तक 550 किमी की दूरी तय कर आयोजित की गई। बीएसएफ और बीजीबी के बीच दो मैत्री फुटबॉल मैच (सीमा चौकी महादीपुर, सीमा चौकी शिकारपुर) और बीएसएफ और बीजीबी के बीच दो वॉलीबॉल मैच (सीमा चौकी घोजाडांगा, सीमा चौकी गेडे) में आयोजित की गई।
इसी तरह से दक्षिण बंगाल सीमांत ने सीमा पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जिसमें मुख्य रूप से चिकित्सा शिविर, बुनियादी ढांचे का विकास, मानव संसाधन विकास, कौशल विकास और नागरिक कार्य कार्यक्रम शामिल हैं। साउथ बंगाल सीमांत ने 2021-22 में कुल 289 गतिविधियों का आयोजन किया। इस दौरान 53,852 सीमावासियों को लाभान्वित किया गया।
इसी तरह से पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाने के लिए बीएसएफ साउथ बंगाल फ्रंटियर कर्मियों द्वारा सीमा क्षेत्र में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। दक्षिण बंगाल सीमांत, बीएसएफ ने अपने क्षेत्र में कुल 55,700 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा था, जिसे तय समय में पूरा भी कर लिया गया।
इसी तरह से हर घर तिरंगा अभियान का भी आयोजन किया गया। आजादी का अमृत महोत्सव के तत्वावधान में दक्षिण बंगाल सीमांत ने सीमावर्ती आबादी के बीच जागरूकता पैदा करना और एक राष्ट्र एक पहचान, राष्ट्रवाद की भावना पैदा करना स्कूली छात्रों, शिक्षकों और स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर हर घर तिरंगा अभियान आयोजित किया गया। डॉ. फुलझेले ने बताया कि एक व्यापक "स्कूल आउटरीच कार्यक्रम" आयोजित किया गया था, जिसमें 2 सितंबर, 2022 को शिक्षक दिवस से पहले दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के सभी सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ-साथ भीतरी इलाकों में 138 शैक्षणिक संस्थानों के 56,650 छात्रों ने भाग लिया था। इसके अलावा भी बीएसएफ लगातार कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है।
बीएसएफ ने साढ़े 4 करोड़ के सोने के साथ एक को किया गिरफ्तार
कोलकाता के सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) मुख्यालय में शुक्रवार को राजेश कुमार डीआईजी (दक्षिण बंगाल) ने बताया कि बीएसएफ ने भारत-बंग्लादेश आंतरराष्ट्रीय सीमा पर गुरुवार की रात एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 66 सोने के सिक्के बरामद किए गए। इसकी कीमत साढ़े चार करोड़ आंकी गई है। ये बिस्किट एक ट्रक में छिपाकर भारत लाए जा रहे थे।
कुमार ने बताया कि गुरुवार को एक खुफिया सूचना के आधार पर दक्षिण बंगाल के पेट्रापोल गांव में जवानों ने बांग्लादेश से लौट रहे एक ट्रक को रोककर छानबीन की। तलाशी के दौरान ट्रक में छिपाए गए 8311.61 ग्राम वजन के 66 सोने के बिस्किट और 2 सोने के क्यूब बरामद किए हैं। इनकी कीमत 4,54,97,753 रुपये आंकी गई है। इस पूरी कार्यवाही को बीएसएफ की 145वीं पेट्रापोल बटालियन ने अंजाम दिया है।