Assam: मुठभेड़ में उल्फा (स्व.) का आईईडी विशेषज्ञ मारा गया, अपहरण की साजिश नाकाम
पुलिस को खबर मिली कि लिडू थाने के अंतर्गत मालुगांव में उल्फा के कुछ सदस्य शरण लिए हुए हैं। खबर मिलने के बाद तुरंत पुलिस ने योजना बनाई। इस मुठभेड़ में उदय असम मारा गया, जबकि मृगांक असम और उसके साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहे...
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ऊपरी असम के तिनसुकिया जिले के मार्गेरिटा महकमा के मालुगांव क्षेत्र में सुरक्षाबलों और उल्फा (स्वाधीन) में हुई मुठभेड़ में एक उल्फा मारा गया, जबकि दो अन्य अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में कामयाब हो गए। मारे गए उल्फा का चराईदेव जिले के उत्तम लाहोन उर्फ उदय असम के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मारा गया उदय उल्फा का आईईडी विशेषज्ञ था।
इस बारे में जानकारी देते हुए तिनसुकिया जिला के एसपी अभिजीत गुरव ने बताया कि सूचना मिली थी कि उल्फा (स्व.) के सात से आठ पिछले कई दिनों से मार्गेरिटा और लेखापानी इलाके में पनाह लिए हुए हैं। इनका नेतृत्व उदय असम कर रहा है। सूचना के मुताबिक यह जानकारी मिली कि वे तिनसुकिया जिले के किसी बड़े व्यावसायी के अपहरण की योजना बना रहे हैं। इतना ही नहीं उनके निशाने पर डीजीपी जीपी सिंह और आईजीपी (पूर्वी रेंज) भी हैं। इस कार्रवाई में पुलिस का सहयोग सेना ने भी किया।
गत रात पुलिस को खबर मिली कि लिडू थाने के अंतर्गत मालुगांव में उल्फा के कुछ सदस्य शरण लिए हुए हैं। खबर मिलने के बाद तुरंत पुलिस ने योजना बनाई। इस मुठभेड़ में उदय असम मारा गया, जबकि मृगांक असम और उसके साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहे। सुरक्षबलों को भारी मात्रा में हथियार और गोलाबारूद मिला है।
एसपी ने बताया कि मारा गया उदय असम में कई वारदातों में शामिल था। वह डूमडूमा के थाना प्रभारी भास्कर कलिता की हत्या में शामिल था। कुछ दिन पहले पेंगेरी में सेना पर जो हमला हुआ था, वह उसका भी मास्टरमाइंड था। बताया जा रहा है कि इन दिनों उल्फा (स्व.) भारी आर्थिक संकट से जूझ रहा है। बताया जा रहा है कि यह दल धन उगाही के लिए जिले में आया था। पुलिस को कुछ दस्तावेज भी मिले हैं, जिनमें उल्फा से लेनदेन करने वालों का ब्यौरा भी मिला है। पुलिस उसकी जांच कर रही है।