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Kotdwar News: सीडीएस जनरल बिपिन रावत के पैतृक गांव सैंण की सड़क को डामरीकरण की दरकार

Thu, 17 Oct 2024 10:24 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 17 Oct 2024 10:24 PM IST
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The road of CDS General Bipin Rawat's native village Sain needs asphalting.

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कोटद्वार। देश के प्रथम सीडीएस जनरल बिपिन रावत के पैतृक गांव द्वारीखाल ब्लॉक के सैंण (बिरमोली) को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए वर्ष 2022 में काटी गई 1.15 किमी सड़क ढाई साल बाद भी पक्की नहीं बन सकी है, जिससे जनरल रावत के गांव की इस सड़क का भी राज्य की अन्य सड़कों जैसा हाल बना है। बरसात के सीजन में मार्ग कई जगह बाधित रहा। वर्तमान में भी सड़क बदहाल पड़ी है, जिससे परिजनों को पैदल दूरी नापकर गांव तक पहुंचना पड़ रहा है। सड़क के द्वितीय चरण के निर्माण कार्य के लिए लोनिवि दुगड्डा की ओर से 61.66 लाख का आगणन बनाकर भेजा गया है, जिसकी स्वीकृति की प्रतीक्षा की जा रही है।जनरल बिपिन रावत के चाचा भरत सिंह रावत बताते हैं कि 29 अप्रैल, 2018 को तत्कालीन सेनाध्यक्ष रहते हुए जनरल रावत अपनी पत्नी मधुलिका रावत के साथ पैतृक गांव सैंण पहुंचे थे। तब गांव के भ्रमण के दौरान उन्होंने बताया था कि उनकी ओर से गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए उत्तराखंड सरकार को पत्र लिखकर आग्रह किया गया है। तब सरकार ने जल्द उनके गांव को सड़क से जोड़ने का भरोसा दिया था। जनरल रावत के पत्र के बाद शासन ने बिरमोली के सैंण तोक को सड़क से जोड़ने के लिए बिरमोलीखाल-सैंण-मदनपुर-डाडामंडी मोटर मार्ग को स्वीकृति दी थी।



इस बीच दिसंबर, 2021 में एक हेलिकाॅप्टर हादसे में सीडीएस बिपिन रावत और उनकी पत्नी का निधन हो गया।
उनकी शहादत के बाद परिजनों और क्षेत्रवासियों की ओर से उनके गांव को सड़क मार्ग से जोड़ने की मांग ने जोर पकड़ा। सरकार ने उनके गांव को सड़क को जोड़ने की कवायद शुरू करते हुए सड़क निर्माण को हरी झंडी दी। जून, 2022 में लोनिवि दुगड्डा की ओर से बिरमोलीखाल बाजार से उनके गांव सैंण तक 1.15 किमी सड़क पहाड़ काटकर बना दी गई। यह सड़क अब भी जस की तस है। मार्ग पर सुरक्षा दीवार और स्क्रपर तक नहीं बने हैं। बरसात के सीजन में यह पहाड़ी से मलबा आने और भूधंसाव से बाधित हो जाती है।
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उधर, लोनिवि ने डाडामंडी के पास मदनपुर गांव से भी सैंण गांव को सड़क से जोड़ने के लिए करीब पांच किमी सड़क का निर्माण करवाया। यह मार्ग भी अभी कच्चा ही पड़ा है। जनरल रावत के चाचा भरत सिंह रावत, चाची सुशीला देवी, ग्राम प्रधान मानसी देवी, देवेंद्र सिंह, योगेंद्र सिंह बिष्ट का कहना है कि गांव सड़क से तो जुड़ गया, लेकिन अब उसके डामरीकरण की मंजूरी भी मिलनी चाहिए।
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बिरमोलीखाल से सैंण गांव तक 1.15 किमी. सड़क के लिए द्वितीय चरण का आगणन बनाकर शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।



- सत्यप्रकाश राठौर, सहायक अभियंता लोनिवि दुगड्डा।
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