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Kotdwar News: गुठेर्ता के आसपास के गांवों में दिखा दूसरा गुलदार
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कोटद्वार। रिखणीखाल ब्लॉक के ग्राम पंचायत गुठेर्ता के गुलदार प्रभावित तोक गांव कोटा तल्ला में सोमवार को एक गुलदार के पिंजरे में कैद होने के बाद भी दहशत बरकरार है। गांव के आसपास के इलाके में लगातार दूसरा गुलदार दिखाई दे रहा है। वन विभाग ने उसे पिंजरे में कैद करने के लिए जाल बिछा दिया है। घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए दो सदस्यीय शिकारी दल वनकर्मियों के साथ निरंतर गश्त कर रहा है। गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरों की संख्या बढ़ाकर चार कर दी गई है। 15 कैमरा ट्रेप के जरिए गुलदार पर नजर रखी जा रही है।
रिखणीखाल का गुठेर्ता और आसपास का समूचा अंचल गढ़वाल वन प्रभाग के पोखड़ा रेंज के अंतर्गत आता है। गुलदार द्वारा एक मासूम को मारने के बाद से एसडीओ पवन नेगी व रेंज अधिकारी नक्षत्र शाह की अगुवाई में वनकर्मी क्षेत्र में डटे हुए हैं। सोमवार सुबह वन विभाग को जहां एक गुलदार को पिंजरे में कैद करने में सफलता मिल गई, वहीं अब विभाग इस क्षेत्र में सक्रिय दूसरे गुलदार को भी पिंजरे में कैद करने के लिए मशक्कत कर रहा है। वन कर्मियों की टीम के साथ दो सदस्यीय शिकारी दल बलवीर सिंह पंवार और भीम सिंह तैनात कर दिए गए हैं। गुलदार पर नजर रखी जा रही है। उधर, गुठेर्ता की प्रधान मीनाक्षी देवी व ग्रामीण मनोज सिंह ने बताया कि क्षेत्र में दहशत बरकरार है। किसी दूसरी घटना की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों की ओर से दूसरे गुलदार को जल्द से जल्द पिंजरे में कैद करने अथवा गोली मारने की मांग की जा रही है।
पकड़े गए गुलदार का मृतक बच्चे के डीएनए से होगा मिलान
रिखणीखाल में घटनास्थल से पिंजरे में कैद गुलदार का सैंपल जांच के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून भेजा जा रहा है। पकड़ा गया गुलदार ही हमलावर है या नहीं। यह बात जांच से ही पता चल सकेगा। एसडीओ पवन नेगी ने बताया कि क्षेत्र में बारिश होने के कारण डाॅक्टर पोखड़ा नहीं पहुंच सके थे। बुधवार सुबह गुलदार को ट्रैकुलाइज कर उसकी मेडिकल जांच की जाएगी और सैंपल लिया जाएगा। कोटा तल्ला में मासूम को गुलदार ने ही मारा है, इसकी पुष्टि घटनास्थल से लिए गए सैंपल की जांच से हो चुकी है। लेकिन अभी यह पता लगाया जाना बाकी है कि पिंजरे में कैद गुलदार ने ही घटना को अंजाम दिया है या फिर किसी दूसरे ने। वन विभाग के कर्मचारियों और ग्रामीणों को क्षेत्र में दूसरा गुलदार दिखाई दिया है। जिसके बाद अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
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रिखणीखाल का गुठेर्ता और आसपास का समूचा अंचल गढ़वाल वन प्रभाग के पोखड़ा रेंज के अंतर्गत आता है। गुलदार द्वारा एक मासूम को मारने के बाद से एसडीओ पवन नेगी व रेंज अधिकारी नक्षत्र शाह की अगुवाई में वनकर्मी क्षेत्र में डटे हुए हैं। सोमवार सुबह वन विभाग को जहां एक गुलदार को पिंजरे में कैद करने में सफलता मिल गई, वहीं अब विभाग इस क्षेत्र में सक्रिय दूसरे गुलदार को भी पिंजरे में कैद करने के लिए मशक्कत कर रहा है। वन कर्मियों की टीम के साथ दो सदस्यीय शिकारी दल बलवीर सिंह पंवार और भीम सिंह तैनात कर दिए गए हैं। गुलदार पर नजर रखी जा रही है। उधर, गुठेर्ता की प्रधान मीनाक्षी देवी व ग्रामीण मनोज सिंह ने बताया कि क्षेत्र में दहशत बरकरार है। किसी दूसरी घटना की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों की ओर से दूसरे गुलदार को जल्द से जल्द पिंजरे में कैद करने अथवा गोली मारने की मांग की जा रही है।
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पकड़े गए गुलदार का मृतक बच्चे के डीएनए से होगा मिलान
रिखणीखाल में घटनास्थल से पिंजरे में कैद गुलदार का सैंपल जांच के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून भेजा जा रहा है। पकड़ा गया गुलदार ही हमलावर है या नहीं। यह बात जांच से ही पता चल सकेगा। एसडीओ पवन नेगी ने बताया कि क्षेत्र में बारिश होने के कारण डाॅक्टर पोखड़ा नहीं पहुंच सके थे। बुधवार सुबह गुलदार को ट्रैकुलाइज कर उसकी मेडिकल जांच की जाएगी और सैंपल लिया जाएगा। कोटा तल्ला में मासूम को गुलदार ने ही मारा है, इसकी पुष्टि घटनास्थल से लिए गए सैंपल की जांच से हो चुकी है। लेकिन अभी यह पता लगाया जाना बाकी है कि पिंजरे में कैद गुलदार ने ही घटना को अंजाम दिया है या फिर किसी दूसरे ने। वन विभाग के कर्मचारियों और ग्रामीणों को क्षेत्र में दूसरा गुलदार दिखाई दिया है। जिसके बाद अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
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