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Kotdwar News: क्रांतिकारी भवानी सिंह को उनकी जयंती पर किया याद
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दुगड्डा। क्रांतिकारी भवानी सिंह रावत को उनकी जयंती पर श्रद्धा के पुष्प अर्पित करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। नागरिकों ने नाथूपुर के निकट उनकी समाधि व दुगड्डा में उनकी प्रतिमा पर पहुंचकर पुण्य स्मरण किया।
स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में गढ़वाल के दुगड्डा की भी अपनी अलग पहचान है। इसी दुगड्डा के निकट नाथूपुर निवासी क्रांतिकारी भवानी सिंह रावत को उनकी जयंती पर याद करते हुए शहीद पार्क में स्थित समाधि पर पुष्पांजलि दी गई। बीडीओ बीडी रतूड़ी ने कहा कि आजादी के लिए निस्वार्थ भाव से त्याग व बलिदान करने वाले अमर क्रांतिकारियों का सदैव स्मरण किया जाना चाहिए। हमें उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। यही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि भवानी सिंह की स्मृति में उनकी जयंती पर आगामी वर्ष से कार्यक्रम आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा।
पालिका के अधिशासी अधिकारी जीपी जोशी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियों का संरक्षण किया जाना जरूरी है। भावी पीढ़ी के लिए यह प्रेरणा का स्रोत है। पूर्व नौसेना के कनिष्ठ अधिकारी जीसी गौड़ ने कहा कि क्रांतिकारियों की स्मृति में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के लिए सरकार की ओर से बजट की व्यवस्था होनी चाहिए। उनकी स्मृतियों के संरक्षण व उनके परिजनों की भी सरकार को सुध लेनी होगी। भवानी सिंह रावत के परिजनों ने शहीद पार्क की बदहाल स्थिति के लिए सिस्टम को जिम्मेदार ठहराया।
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क्रांतिकारी भवानी सिंह रावत के आग्रह पर 1930 में आजाद, छैलबिहारी लाल, वी.दयाल, रामचंद्र व हजारीलाल की गढ़वाल यात्रा का साक्षी स्मृति वृक्ष भी विलुप्त होने के कगार पर है। समाधि को भी क्षति पहुंचाई गई है। इस पर चिंता जताई। कार्यक्रम में एडीओ पंचायत जयदीप सिंह रावत, भवानी सिंह रावत के परिजन, वन दरोगा बिशन सिंह ठाकुर, महिपाल सिंह नेगी, नवजीवन बौडा़ई, कुंवरपाल, वन आरक्षी और पालिका कार्मिक आदि मौजूद रहे।
स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में गढ़वाल के दुगड्डा की भी अपनी अलग पहचान है। इसी दुगड्डा के निकट नाथूपुर निवासी क्रांतिकारी भवानी सिंह रावत को उनकी जयंती पर याद करते हुए शहीद पार्क में स्थित समाधि पर पुष्पांजलि दी गई। बीडीओ बीडी रतूड़ी ने कहा कि आजादी के लिए निस्वार्थ भाव से त्याग व बलिदान करने वाले अमर क्रांतिकारियों का सदैव स्मरण किया जाना चाहिए। हमें उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। यही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि भवानी सिंह की स्मृति में उनकी जयंती पर आगामी वर्ष से कार्यक्रम आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा।
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पालिका के अधिशासी अधिकारी जीपी जोशी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियों का संरक्षण किया जाना जरूरी है। भावी पीढ़ी के लिए यह प्रेरणा का स्रोत है। पूर्व नौसेना के कनिष्ठ अधिकारी जीसी गौड़ ने कहा कि क्रांतिकारियों की स्मृति में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के लिए सरकार की ओर से बजट की व्यवस्था होनी चाहिए। उनकी स्मृतियों के संरक्षण व उनके परिजनों की भी सरकार को सुध लेनी होगी। भवानी सिंह रावत के परिजनों ने शहीद पार्क की बदहाल स्थिति के लिए सिस्टम को जिम्मेदार ठहराया।
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क्रांतिकारी भवानी सिंह रावत के आग्रह पर 1930 में आजाद, छैलबिहारी लाल, वी.दयाल, रामचंद्र व हजारीलाल की गढ़वाल यात्रा का साक्षी स्मृति वृक्ष भी विलुप्त होने के कगार पर है। समाधि को भी क्षति पहुंचाई गई है। इस पर चिंता जताई। कार्यक्रम में एडीओ पंचायत जयदीप सिंह रावत, भवानी सिंह रावत के परिजन, वन दरोगा बिशन सिंह ठाकुर, महिपाल सिंह नेगी, नवजीवन बौडा़ई, कुंवरपाल, वन आरक्षी और पालिका कार्मिक आदि मौजूद रहे।