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Kotdwar News: कागजों में सिमटकर रह गया रेलवे का स्वच्छता अभियान

Tue, 08 Oct 2024 10:58 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 08 Oct 2024 10:58 PM IST
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Railway's cleanliness campaign remained limited to paper

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कोटद्वार। रेलवे का स्वच्छता अभियान कागजी साबित हुआ। दरअसल रेलवे सीमा में रेल ट्रैक के समानांतर बना काफी लंबा नाला वर्षों से अवरुद्ध है। पिछले दिनों स्वच्छता पखवाड़े में सफाई अभियान के नाम पर महज औपचारिकता ही निभाई गई। नगर निगम ने भी अवरुद्ध नाले को खुलवाकर वहां कीटनाशक का छिड़काव करना गंवारा नहीं किया।

रेलवे स्टेशन के नए भवन व नए प्लेटफार्म का कार्य किया जा रहा है। पानी की बेहतर निकासी की व्यवस्था भी की जा रही है, लेकिन रेल ट्रैक के समानांतर बने पुराने नाले की पूरी तरह से अनदेखी की गई है। जिस कारण बरसात में रेल ट्रैक एवं आसपास पानी का जमावड़ा हो जाता है और दूषित पानी व कूड़ा-करकट सड़ने से वातावरण भी दूषित हो रहा है।
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नाले से सटे गोविंद नगर के घने आबादी क्षेत्र में रह रहे लोग भी परेशान हैं। क्षेत्रीय लोग विपुल नेगी, सौरभ मैंदोला, विशाल, गिरीशचंद्र का कहना है कि नाले की सफाई नहीं होने से घरों में रुकना मुश्किल हो जाता है।
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रेल ट्रैक की साइड में बने नाले में गोविंद नगर की आबादी के पानी को पाइप के माध्यम से जोड़कर उसमें क्षेत्र के दूषित पानी की निकासी तो कर दी गई, लेकिन सफाई को लेकर न तो नगर निगम ने गंभीरता दिखाई और न ही क्षेत्रवासी जागरूक हुए। रेलवे की गति शक्ति यूनिट के प्रभारी सुबोध चौहान ने सोमवार को स्थिति को देखकर चिंता जताई। उन्होंने क्षेत्र का निरीक्षण कर बंद नाले को उपयोगी बनाने पर मंथन किया।



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नाला खुलवाकर बनवाने में ये है अड़चन



अवरुद्ध नाला खुलवाने के बाद उसे प्लेटफाॅर्म तक ले जाने में तकनीकी बाधा आड़े आएगी। रेलवे यार्ड में दो जगहों पर ठोकर बना है। उस स्थान पर नाला खुदवाना संभव नहीं हो पाएगा। नाला बनाने के लिए रेल ट्रैक के किनारे टीले से काफी मलबा काटना होगा।


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ये होगा नाला बनने से रेलवे को लाभ

रेलवे प्लेटफाॅर्म से लेकर गोविंद नगर की पुलिया तक बरसात में टीले से बहकर रेल ट्रैक पर जमा होने वाला बाहरी क्षेत्र का पानी नाले में आकर पनियाली गदेरे में चला जाएगा। पानी के साथ मलबा नहीं आने से रेल ट्रैक पर बने प्वाइंट बाधित नहीं होंगे।



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बोले अधिकारी



अवरुद्ध नाले को खुलवाकर इसका बेहतर उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। -सुबोध चौहान, प्रभारी गति शक्ति यूनिट, रेलवे कोटद्वार
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