{"_id":"66d34b5ed552c9372d080e7a","slug":"more-than-one-guldar-seen-in-10-villages-including-gutherta-dabri-manjali-people-in-panic-kotdwar-news-c-5-1-gkp1010-490396-2024-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: गुठेर्ता, डाबरी, मंजली समेत 10 गांवों में दिख रहे एक से अधिक गुलदार, दहशत में लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: गुठेर्ता, डाबरी, मंजली समेत 10 गांवों में दिख रहे एक से अधिक गुलदार, दहशत में लोग
विज्ञापन
विज्ञापन
कोटद्वार। रिखणीखाल ब्लॉक के गुलदार प्रभावित क्षेत्र कोटा तल्ला और आसपास के करीब 10 से अधिक गांवों में अन्य गुलदार के दिखने से लोग दहशत में हैं। बच्चों को स्कूल भेजने और लाने में जहां पुलिस मदद कर रही है, वहीं क्षेत्रवासियों को इसके लिए जागरूक किया जा रहा है। क्षेत्र में एक से अधिक गुलदार देखे जा रहे हैं, लेकिन कोई भी गुलदार पिंजरे में नहीं फंस रहा है। शनिवार सुबह एक गुलदार जहां देवियोखाल में एक मकान की छत पर दिखा, वहीं दूसरा कोटा तल्ला में दिखा, जहां 19 अगस्त की शाम को एक मासूम को उठाकर ले गया था। उधर, वन विभाग को अभी भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून में भेजे गए गुलदार के सैंपल की जांच का इंतजार है।
गुठेर्ता की प्रधान मीनाक्षी देवी और ग्रामीण मनोज कुमार ने बताया कि गुलदार की दहशत दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह गुलदार देवियोंखाल में हरेंद्र सिंह के मकान की छत पर चढ़ा हुआ था। शोर मचाने पर वह झाड़ियों में जा छिपा। करीब एक घंटे बाद लोगों ने कोटा तल्ला में गुलदार देखा। जिससे लोग बच्चों के साथ घरों में कैद हो गए। बताया कि वन विभाग की ओर से गश्त की जा रही है, लेकिन अभी तक गुलदार को पिंजरे में कैद नहीं किया जा सका है। गुलदार की धमक से लोगों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। वन विभाग के एसडीओ पवन नेगी ने बताया कि ढाबखाल के पास मंजली गांव समेत कई जगह गुलदार की मूवमेंट देखी गई है। उसे पकड़ने के लिए चार पिंजरे लगाए गए हैं, लेकिन वह पिंजरे के अंदर नहीं जा रहा है। बताया कि पकड़े गए गुलदार के सैंपल जांच के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान चंद्रबदनी देहरादून भेजे गए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद रणनीति में बदलाव किया जाएगा। क्षेत्र में सक्रिय गुलदार को पकड़ने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
गुठेर्ता की प्रधान मीनाक्षी देवी और ग्रामीण मनोज कुमार ने बताया कि गुलदार की दहशत दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह गुलदार देवियोंखाल में हरेंद्र सिंह के मकान की छत पर चढ़ा हुआ था। शोर मचाने पर वह झाड़ियों में जा छिपा। करीब एक घंटे बाद लोगों ने कोटा तल्ला में गुलदार देखा। जिससे लोग बच्चों के साथ घरों में कैद हो गए। बताया कि वन विभाग की ओर से गश्त की जा रही है, लेकिन अभी तक गुलदार को पिंजरे में कैद नहीं किया जा सका है। गुलदार की धमक से लोगों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। वन विभाग के एसडीओ पवन नेगी ने बताया कि ढाबखाल के पास मंजली गांव समेत कई जगह गुलदार की मूवमेंट देखी गई है। उसे पकड़ने के लिए चार पिंजरे लगाए गए हैं, लेकिन वह पिंजरे के अंदर नहीं जा रहा है। बताया कि पकड़े गए गुलदार के सैंपल जांच के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान चंद्रबदनी देहरादून भेजे गए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद रणनीति में बदलाव किया जाएगा। क्षेत्र में सक्रिय गुलदार को पकड़ने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
विज्ञापन