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Kotdwar News: पीड़ा और कंदोली गांव में बंदरों का उत्पात
Thu, 18 Jun 2026 06:55 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Thu, 18 Jun 2026 06:55 PM IST
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फसलें और बागवानी कर रहे तबाह, लोगों की सुरक्षा पर भी खतरा
रेंजर बोले- बंदरों को पकड़ने के लिए चलाया जाएगा अभियान
लैंसडौन। जयहरीखाल ब्लॉक के पीड़ा और कंदोली गांव में बंदरों की बढ़ती संख्या से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों ने फसलों और बागवानी को हो रहे नुकसान के साथ ही लोगों की सुरक्षा पर मंडरा रहे खतरे को लेकर वन विभाग से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा जयहरीखाल मंडल के पूर्व मंडल अध्यक्ष किरण बौंठियाल, ग्रामीण मनवर सिंह, कंदोली गांव के कलम सिंह और चंद्रमोहन ने कहा कि वन विभाग अन्य स्थानों से पकड़कर लाए गए बंदरों को गांवों के आसपास छोड़ रहा है। इससे बंदरों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है और वे खेतों में खड़ी फसलों और बागवानी को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि बंदरों को खेतों और घरों के आसपास से भगाने का प्रयास करने पर वे आक्रामक व्यवहार करते हैं और लोगों को डराते हैं। इससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों में भय का माहौल बना हुआ है। इधर, लैंसडौन वन प्रभाग के रेंजर राकेश चंद्र शाह ने कहा कि बंदरों को पिंजरों की मदद से पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा। बताया कि इस संबंध में अभी तक ग्रामीणों की ओर से कोई लिखित पत्र या शिकायत उन्हें प्राप्त नहीं हुई है।
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रेंजर बोले- बंदरों को पकड़ने के लिए चलाया जाएगा अभियान
लैंसडौन। जयहरीखाल ब्लॉक के पीड़ा और कंदोली गांव में बंदरों की बढ़ती संख्या से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों ने फसलों और बागवानी को हो रहे नुकसान के साथ ही लोगों की सुरक्षा पर मंडरा रहे खतरे को लेकर वन विभाग से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा जयहरीखाल मंडल के पूर्व मंडल अध्यक्ष किरण बौंठियाल, ग्रामीण मनवर सिंह, कंदोली गांव के कलम सिंह और चंद्रमोहन ने कहा कि वन विभाग अन्य स्थानों से पकड़कर लाए गए बंदरों को गांवों के आसपास छोड़ रहा है। इससे बंदरों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है और वे खेतों में खड़ी फसलों और बागवानी को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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ग्रामीणों ने बताया कि बंदरों को खेतों और घरों के आसपास से भगाने का प्रयास करने पर वे आक्रामक व्यवहार करते हैं और लोगों को डराते हैं। इससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों में भय का माहौल बना हुआ है। इधर, लैंसडौन वन प्रभाग के रेंजर राकेश चंद्र शाह ने कहा कि बंदरों को पिंजरों की मदद से पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा। बताया कि इस संबंध में अभी तक ग्रामीणों की ओर से कोई लिखित पत्र या शिकायत उन्हें प्राप्त नहीं हुई है।
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