फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   Massive protest against freeze zone of Railway Authority in Maletha

Kotdwar News: रेलवे प्राधिकरण के फ्रीज जोन का मलेथा में भारी विरोध

Mon, 08 Sep 2025 10:43 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 08 Sep 2025 10:43 PM IST
विज्ञापन
Massive protest against freeze zone of Railway Authority in Maletha

विज्ञापन
श्रीनगर। रेलवे प्राधिकरण के फ्रीज जोन का मलेथा में लोगों ने विरोध किया है। देवप्रयाग को जिला बनाने के लिए मलेथा गांव से हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की गई। मलेथा में आयोजित देवप्रयाग जन अधिकार मोर्चा की बैठक में पहुंचे मोर्चा के संस्थापक गणेश भट्ट ने ग्रामीणों से देवप्रयाग को जिला बनाने के लिए समर्थन मांगा। साथ ही रेलवे प्राधिकरण की ओर से परियोजना की सीमा से 400 मीटर के क्षेत्र को फ्रीज करने एवं समस्त निर्माण कार्य पर रोक लगाने के आदेश का भी बैठक में भारी विरोध किया गया।बैठक में गणेश भट्ट ने कहा कि देवप्रयाग देवभूमि का पहला प्रयाग है, जहां भागीरथी और अलकनंदा मिलकर गंगा नदी का नामकरण होता है। यहां राम भगवान की तपस्थली है और अर्ध कुंभ क्षेत्र के साथ ही सांस्कृतिक और पर्यटन के क्षेत्र में देवप्रयाग महत्वपूर्ण स्थान रखता है। टिहरी जिला मुख्यालय दूर होने के कारण देवप्रयाग विधानसभा के आम लोगों को पेंशन योजनाओं, ड्राइविंग लाइसेंस सहित आरटीओ संबंधी कार्यों, विकलांग प्रमाणपत्र, भूलेख और बंदोबस्त के कार्यों के अलावा जिला स्तरीय अधिकारियों से संपर्क करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कहा, लंबे समय से देवप्रयाग को जिला घोषित करने की मांग क्षेत्रीय जनता की ओर से की जाती रही है, इसीलिए उत्तराखंड सरकार को बिना देरी किए देवप्रयाग को जिला घोषित करना चाहिए।




बैठक में वक्ताओं ने देवप्रयाग जन अधिकार मोर्चा की इस पहल का स्वागत किया। साथ ही मलेथा बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने रेलवे प्राधिकरण द्वारा 400 मीटर के दायरे को फ्रीज कर भवन, दुकान आदि निर्माण कार्यों पर रोक लगाने और पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा मलेथा रेलवे सुरंग में लगातार विस्फोट होने के बाद मलेथा वासियों के मकानों में आई दरारों एवं भवनों की क्षति मुआवजा राशि को वर्तमान स्थिति के आधार पर बढाने की मांग की। बैठक में तय किया गया कि भेजे गए नोटिस यदि वापस ना हुए और मलेथा को फ्रीज जोन से ना हटाया गया तो ग्रामीण रेलवे प्राधिकरण की मनमानी के विरुद्ध बुधवार को एसडीएम कार्यालय का घेराव करेंगे और जरूरत पड़ी तो देवप्रयाग विधायक कार्यालय का भी घेराव किया जाएगा। बैठक में बीना चौधरी, ग्राम प्रधान रश्मि रावत, सतेंद्र भट्ट, देव सिंह नेगी, विजय रावत, आदित्य नेगी और रविन्द्र बिष्ट आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed