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पत्नी की हत्या करने का नहीं है मलाल
ब्यूरो/अमर उजाला, कोटद्वार
Updated Tue, 11 Apr 2017 10:29 PM IST
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काशीरामपुर मल्ला में पत्नी को बेरहमी से मौत के घाट उतारने के बाद हत्यारे पति के चेहरे पर शिकन तक नहीं थी। घटना को अंजाम देने के बाद वह शव के पास ही बैठा रहा। आरती देवी के शरीर पर कैंची से एक-दो नहीं, बल्कि 28 वार किए गए थे। पुलिस को भटकाने के लिए हत्या आरोपी संगीत नेगी इधर-उधर की बातें जरूर करता रहा। कभी चाय न बनाने पर हत्या करने की बात कहता तो कभी पत्नी के चरित्र पर अंगुली उठाने लगता।
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संगीत नेगी (38) पुत्र सतेंद्र सिंह नेगी की तेरह साल पूर्व थलीसैंण के स्यूंसी निवासी आरती के संग विवाह हुआ था। उनके दो बच्चे 11 साल का बड़ा बेटा समीर और 10 साल की बेटी सोनाली हैं। संगीत ड्राइवर है और शराब का आदी है।
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आए दिन वह पत्नी के साथ मारपीट और गाली गलौच करता रहता था। कई बार पड़ोसी उन्हें छुड़ाते थे। घर का खर्च चलाने के लिए आरती को लोगों के घरों में काम करना पड़ता था। पत्नी की कमाई के पैसे भी वह शराब में उड़ा देता था। इसको लेकर उनमें आए दिन झगड़ा होता था।
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सोमवार को आरती को मेहनताना के करीब डेढ़ हजार रुपये मिले थे। उसे भी संगीत ने ले लिया। इसके बाद से उनमें झगड़ा हो रहा था। मंगलवार सुबह करीब छह बजे संगीत सोकर उठा और आरती को चाय बनाने के लिए कहने लगा। पत्नी ने चाय बनाने से इंकार किया जो उसे नागवार गुजरा। कैंची से उसने पत्नी के गले और शरीर पर 28 गहरे जख्म कर उसे मौत की नींद सुला दिया।
एसएसआई मो. यूनुस का कहना है हत्यारे ने हत्या की बात कबूली है, लेकिन उसे पत्नी की मौत का जरा भी मलाल नहीं है। मां की मौत और पिता के जेल जाने से अनाथ हुए उसके बच्चे फिलहाल पड़ोसियों के साथ रह रहे हैं। सूचना मिलते ही परिजन भी कोटद्वार पहुंच गए हैं।