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Kotdwar News: श्रीकोट गांव में गुलदार की दहशत बरकरार, विभाग को रिपोर्ट का इंतजार
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कोटद्वार/सतपुली। पोखड़ा ब्लॉक के गुलदार प्रभावित गांव श्रीकोट में मंगलवार को एक गुलदार के पिंजरे में कैद होने के बाद भी दहशत बरकरार है। ग्रामीणों को गांव के यात्री शेड के पास एक और गुलदार दिखा है। गुलदार की सक्रियता से लोगों में भय बना हुआ है। लोग शाम ढलते ही घरों में कैद हो जा रहे हैं। उधर, वन विभाग की ओर से पिंजरे में कैद गुलदार को पोखड़ा रेंज कार्यालय ले जाया गया है। गुलदार के सैंपल जांच के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून भेजे गए हैं। जिसकी जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि पकड़ में आया गुलदार चार साल की मासूम रिया को मारने वाला हमलावर है अथवा नहीं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही वन विभाग की ओर से अगला कदम उठाया जाएगा।
श्रीकोट गांव में गत 12 सितंबर की रात को गुलदार ने चार वर्षीय मासूम रिया को उस समय मार डाला था, जब वह अपनी मां सपना देवी का हाथ पकड़कर शौच के लिए जा रही थी। घटना के बाद वन विभाग की ओर से गांव में हमलावर गुलदार को पकड़ने के लिए 12 कैमरा ट्रेप व तीन पिंजरे लगाए गए थे। इसके अलावा गांव में डॉ. विनीत पांगती के नेतृत्व में गढ़वाल वन प्रभाग की चार सदस्यीय ट्रैंकुलाइज टीम भी गांव में डेरा डाले हुए है। मंगलवार सुबह 5:30 बजे के करीब एक गुलदार घटनास्थल पर लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया था। पोखड़ा के रेंजर नक्षत्र शाह ने बताया कि पिंजरे में पकड़ा गया गुलदार वयस्क मादा है, जिसकी उम्र ढाई साल के करीब है। गुलदार के सैंपल लेकर जांच के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यही हमलावर गुलदार है अथवा नहीं। वन विभाग की टीम अभी गांव में ही डटी हुई है और नियमित रूप से गश्त कर रही है।
उधर, बीडीसी मेंबर राकेश भंडारी और ग्रामीण जितेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि श्रीकोट के यात्री शेड के पास बुधवार सुबह भी गुलदार नजर आया है। गांव के बच्चों को अभिभावक और वन कर्मियों के पहरे में स्कूल भेजा जा रहा है।
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पिंजरे में कैद हुआ गुलदार ही प्रथम दृष्टया हमलावर है। भारतीय वन्यजीव संस्थान की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल, गांव में गश्त जारी है। दो पिंजरे भी लगाए गए हैं।
-लक्की शाह, सहायक वन संरक्षक गढ़वाल वन प्रभाग
श्रीकोट गांव में गत 12 सितंबर की रात को गुलदार ने चार वर्षीय मासूम रिया को उस समय मार डाला था, जब वह अपनी मां सपना देवी का हाथ पकड़कर शौच के लिए जा रही थी। घटना के बाद वन विभाग की ओर से गांव में हमलावर गुलदार को पकड़ने के लिए 12 कैमरा ट्रेप व तीन पिंजरे लगाए गए थे। इसके अलावा गांव में डॉ. विनीत पांगती के नेतृत्व में गढ़वाल वन प्रभाग की चार सदस्यीय ट्रैंकुलाइज टीम भी गांव में डेरा डाले हुए है। मंगलवार सुबह 5:30 बजे के करीब एक गुलदार घटनास्थल पर लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया था। पोखड़ा के रेंजर नक्षत्र शाह ने बताया कि पिंजरे में पकड़ा गया गुलदार वयस्क मादा है, जिसकी उम्र ढाई साल के करीब है। गुलदार के सैंपल लेकर जांच के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यही हमलावर गुलदार है अथवा नहीं। वन विभाग की टीम अभी गांव में ही डटी हुई है और नियमित रूप से गश्त कर रही है।
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उधर, बीडीसी मेंबर राकेश भंडारी और ग्रामीण जितेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि श्रीकोट के यात्री शेड के पास बुधवार सुबह भी गुलदार नजर आया है। गांव के बच्चों को अभिभावक और वन कर्मियों के पहरे में स्कूल भेजा जा रहा है।
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पिंजरे में कैद हुआ गुलदार ही प्रथम दृष्टया हमलावर है। भारतीय वन्यजीव संस्थान की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल, गांव में गश्त जारी है। दो पिंजरे भी लगाए गए हैं।
-लक्की शाह, सहायक वन संरक्षक गढ़वाल वन प्रभाग