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Kotdwar News: मकान मालिक ने नहीं कराया किरायेदारों का सत्यापन, लगा जुर्माना
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कोटद्वार। कश्मीर से आकर रिखणीखाल में रह रहे श्रमिकों का पुलिस सत्यापन नहीं कराने पर मकान मालिक पर 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि बाहरी लोगों का पुलिस सत्यापन कराने के लिए क्षेत्रवासियों को जागरूक किया जा रहा है। फिर भी इसे नजरअंदाज करने वालों को दंश झेलना पड़ेगा।एसएसपी पौड़ी के निर्देश पर रिखणीखाल के थानाध्यक्ष संतोष पैथवाल ने तीन टीमें गठित कर वृहद स्तर पर सत्यापन अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस टीम को धयड़ गांव में भवन स्वामी ठाकुर सिंह के घर में पांच कश्मीरी श्रमिक किरायेदार के रूप में मिले। श्रमिकों से पूछताछ करने पर उन्हाेंने बताया कि वे काम की तलाश में कश्मीर से यहां आए हैं। सभी श्रमिक तहसील गुल, जिला रामबन, जम्मू-कश्मीर के निवासी हैं।
श्रमिकों का पुलिस सत्यापन नहीं कराने पर मकान मालिक ठाकुर सिंह के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस एक्ट की धारा 83, (52/3) के तहत 10 हजार रुपये के जुर्माने की कार्रवाई करते हुए चालान कर न्यायालय भेज दिया गया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि कुछ दिन पहले ही मकान मालिक को श्रमिकों का पुलिस सत्यापन कराने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। सोमवार को चलाए गए सत्यापन अभियान में एसआई राजीव उनियाल, हेड कांस्टेबल सुशील, सुरजीत, रामबीर और राजेश शामिल रहे।
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क्यों जरूरी है पुलिस सत्यापन
असामाजिक, आपराधिक पृष्ठभूमि के लोग बाहर से किसी अनजान जगह और अनजान लोगों के बीच आकर किसी घटना को अंजाम देकर निकल जाते हैं। पुलिस सत्यापन में ऐसे लोग पुलिस और समाज की नजर से बच नहीं सकेंगे।
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सुरक्षा के दृष्टि से बाहरी क्षेत्रों से आकर रह रहे लोगों का सत्यापन जरूरी है। जो मकान मालिक और ठेकेदार बाहरी लोगों के सत्यापन में विलंब करेंगे, उनके विरुद्ध पुलिस एक्ट के तहत मुकदमा कायम कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
-संतोष पैथवाल, थानाध्यक्ष रिखणीखाल
श्रमिकों का पुलिस सत्यापन नहीं कराने पर मकान मालिक ठाकुर सिंह के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस एक्ट की धारा 83, (52/3) के तहत 10 हजार रुपये के जुर्माने की कार्रवाई करते हुए चालान कर न्यायालय भेज दिया गया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि कुछ दिन पहले ही मकान मालिक को श्रमिकों का पुलिस सत्यापन कराने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। सोमवार को चलाए गए सत्यापन अभियान में एसआई राजीव उनियाल, हेड कांस्टेबल सुशील, सुरजीत, रामबीर और राजेश शामिल रहे।
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क्यों जरूरी है पुलिस सत्यापन
असामाजिक, आपराधिक पृष्ठभूमि के लोग बाहर से किसी अनजान जगह और अनजान लोगों के बीच आकर किसी घटना को अंजाम देकर निकल जाते हैं। पुलिस सत्यापन में ऐसे लोग पुलिस और समाज की नजर से बच नहीं सकेंगे।
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सुरक्षा के दृष्टि से बाहरी क्षेत्रों से आकर रह रहे लोगों का सत्यापन जरूरी है। जो मकान मालिक और ठेकेदार बाहरी लोगों के सत्यापन में विलंब करेंगे, उनके विरुद्ध पुलिस एक्ट के तहत मुकदमा कायम कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
-संतोष पैथवाल, थानाध्यक्ष रिखणीखाल