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Kotdwar News: मालन डायवर्जन वैकल्पिक मार्ग में हुए गड्ढे और धूल के गुबार कर रहे परेशान
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कोटद्वार। मालन डायवर्जन वैकल्पिक मार्ग पर पड़े गड्ढे और उड़ते धूल के गुबार लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। क्षेत्रवासी मालन पुल टूटने के बाद बीते 15 महीने से इस मार्ग पर परेशानी से आवाजाही कर रहे हैं। बरसात के सीजन में जहां इस मार्ग पर गड्डे और उनमें भरा गंदा पानी राहगीरों, स्कूली बच्चों और दो पहिया वाहन चालकों व सवारों के लिए परेशानी का कारण बना रहा, वहीं इन दिनों कच्चे मार्ग पर उड़ रहे धूल के गुबार से लोग परेशान हैं। क्षेत्रवासी लोनिवि से इस मार्ग पर रोजाना बार पानी का छिड़काव करने की मांग कर रहे हैं।
बीते वर्ष जुलाई माह में मालन पुल टूटने के बाद से लोनिवि ने तल्ला मोटाढांक से हल्दूखाता के बीच नदी में ह्यूमपाइप डालकर कॉजवे बनाया था। वैकल्पिक मार्ग तो मवाकोट से कण्वाश्रम होते हुए भी तैयार करवाया गया, लेकिन यह मार्ग अपेक्षाकृत नजदीक व सुविधाजनक होने से ज्यादा प्रयोग में होता है। इसी मार्ग से सिडकुल के जशोधरपुर और सिगड्डी के उद्योगों के वाहनों की आवाजाही होती है। करीब 50 हजार की आबादी इस मार्ग से आवाजाही करती है, लेकिन कच्चा मार्ग होने के कारण यह परेशानी का कारण भी बना है।
रात के समय यहां पर शासन, प्रशासन व संबंधित विभाग स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था तक नहीं कर सके। जिसका खामियाजा क्षेत्रवासी भुगतने को मजबूर हैं। ग्रामीण जगदंबा प्रसाद उनियाल, चंद्रमोहन बिंजोला, आशाराम धूलिया, बुद्धिबल्लभ, गुड्डू सिंह नेगी, मुकेश कंडवाल, हरिसिंह नेगी, मधूसूदन सिंह और अभिषेक नेगी का कहना है कि वाहनों के चलने के दौरान उड़ते धूल से सड़क तक नहीं दिखाई देती। मार्ग पर सुबह और शाम दो बार पानी का छिड़काव लोनिवि को कराना चाहिए।
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मालन डायवर्जन वैकल्पिक मार्ग कच्चा बनाया गया है। पुल का काम गतिमान है। धूल को उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव कराया जाएगा। अधीनस्थों को इस बारे में दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
-निर्भय सिंह, अधिशासी अभियंता लोनिवि दुगड्डा।
बीते वर्ष जुलाई माह में मालन पुल टूटने के बाद से लोनिवि ने तल्ला मोटाढांक से हल्दूखाता के बीच नदी में ह्यूमपाइप डालकर कॉजवे बनाया था। वैकल्पिक मार्ग तो मवाकोट से कण्वाश्रम होते हुए भी तैयार करवाया गया, लेकिन यह मार्ग अपेक्षाकृत नजदीक व सुविधाजनक होने से ज्यादा प्रयोग में होता है। इसी मार्ग से सिडकुल के जशोधरपुर और सिगड्डी के उद्योगों के वाहनों की आवाजाही होती है। करीब 50 हजार की आबादी इस मार्ग से आवाजाही करती है, लेकिन कच्चा मार्ग होने के कारण यह परेशानी का कारण भी बना है।
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रात के समय यहां पर शासन, प्रशासन व संबंधित विभाग स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था तक नहीं कर सके। जिसका खामियाजा क्षेत्रवासी भुगतने को मजबूर हैं। ग्रामीण जगदंबा प्रसाद उनियाल, चंद्रमोहन बिंजोला, आशाराम धूलिया, बुद्धिबल्लभ, गुड्डू सिंह नेगी, मुकेश कंडवाल, हरिसिंह नेगी, मधूसूदन सिंह और अभिषेक नेगी का कहना है कि वाहनों के चलने के दौरान उड़ते धूल से सड़क तक नहीं दिखाई देती। मार्ग पर सुबह और शाम दो बार पानी का छिड़काव लोनिवि को कराना चाहिए।
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मालन डायवर्जन वैकल्पिक मार्ग कच्चा बनाया गया है। पुल का काम गतिमान है। धूल को उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव कराया जाएगा। अधीनस्थों को इस बारे में दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
-निर्भय सिंह, अधिशासी अभियंता लोनिवि दुगड्डा।