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Kotdwar News: द्वारीखाल के ठांगर गांव में कई दिन से दिख रहा गुलदार, ग्रामीणों में दहशत

Thu, 03 Oct 2024 06:54 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Thu, 03 Oct 2024 06:54 PM IST
सार

ठांगर गांव में 21 सितंबर को गुलदार ने छह वर्षीय कार्तिक पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। बच्चे का एम्स ऋषिकेश में उपचार चल रहा है।

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Kotdwar News: Leopard seen in Thangar village of Dwarikhal for several days, panic among villagers
leopard - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोटद्वार के द्वारीखाल ब्लॉक के ठांगर गांव में बीते कई दिन से लगातार गुलदार दिख रहा है। जिससे ग्रामीणों में दहशत बनी है। अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा की चिंता बनी हुई है। गुलदार की सक्रियता को देखते हुए क्षेत्र के स्कूल प्रबंधकों और शिक्षकों की ओर से अभिभावकों को बच्चों को स्कूल पहुंचाने और घर ले जाने की व्यवस्था करने को कहा है। इस मौके पर ग्रामीणों ने गांव के रास्तों को झाड़ीमुक्त करने की बात भी कही है।

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ठांगर गांव में 21 सितंबर को गुलदार ने छह वर्षीय कार्तिक पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। बच्चे का एम्स ऋषिकेश में उपचार चल रहा है। बच्चे के ताऊ कुलदीप सिंह ने बताया कि बीते दो दिन से क्षेत्र में गुलदार दिख रहा है। मंगलवार को गुलदार ने एक बकरी को निवाला बनाया था। राजकीय इंटर कॉलेज और प्राथमिक विद्यालय के पास भी लोगों ने गुलदार को देखा है। ग्राम प्रधान सोनम देवी व ग्रामीण जितेंद्र सिंह ने बताया कि ठांगर के साथ ही धनियार गांव में भी गुलदार लगातार चहलकदमी कर रहा है। लोग शाम ढलते ही घरों में कैद हो रहे हैं।
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राजकीय इंटर काॅलेज कैंडुल ठांगर के प्रधानाचार्य संजय कुमार ने बताया कि बुधवार को अभिभावकों की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें उन्हें बच्चों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने को कहा गया है। बच्चों को घर से स्कूल छोड़ने व ले जाने की जिम्मेदारी अभिभावकों को दी गई है। कहा कि दूर से पैदल रास्ते स्कूल आने वाले बच्चों के अभिभावकों से सतर्कता बरतने की अपील की गई है। ग्रामीणों ने बताया कि 30 सितंबर तक गांव में वन विभाग की टीम मौजूद थी, लेकिन इसके बाद टीम लौट गई है।

उधर, लैंसडौन के रेंज अधिकारी राकेश चंद्रा ने बताया कि वन विभाग को गुलदार की मूवमेंट नजर नहीं आई है। ग्रामीणों को समूह में आवाजाही करने, हाथ में डंडा लेकर चलने, रात को घर के बाहर की लाइट जलाए रखने समेत सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है।

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