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Kotdwar News: हरिद्वार और ऋषिकेश से देहरादून के लिए चलेंगी जीएमओयू की बसें
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कोटद्वार। सब कुछ योजना के मुताबिक चला तो अब जीएमओयू की बसें गढ़वाल के हर जिला, तहसील व ब्लाक मुख्यालय से हरिद्वार और ऋषिकेश होते हुए देहरादून के लिए भी संचालित होंगी। कोटद्वार में सिटी बस संचालन की बढ़ती मांग को देखते हुए इलेक्ट्रिक बसें चलाने पर भी सहमति प्रदान कर दी गई हैं। इन प्रस्तावों पर संभागीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) पौड़ी की ओर से मुहर लगाते हुए राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) संस्तुति भेज दी गई हैं। कोटद्वार में यूरो 6 ऑटो वाहनों के संचालन को भी उदार नीति के अनुमति दी गई है।
गढ़वाल मंडल के पौड़ी, रुद्रप्रयाग व चमोली जिलों में जीएमओयू और रूपकुंड परिवहन कंपनियों की बसें परिवहन व्यवस्थाएं संभाले हुए हैं। ये बसें ऋषिकेश और हरिद्वार के लिए तो चलती हैं, लेकिन हरिद्वार और ऋषिकेश से डोईवाला होते हुए देहरादून नहीं जा सकती थीं। दरअसल, अविभाजित यूपी के समय से ही हरिद्वार और ऋषिकेश से सीधे देहरादून वाला मार्ग अंतरराज्यीय मार्ग के रूप में घोषित है, जिसे (पूर्व में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम) उत्तराखंड परिवहन निगम के लिए ही सुरक्षित किया गया था।
राज्य गठन के बाद से जीएमओयू और रूपकुंड समेत राज्य की परिवहन कंपनियां गढ़वाल के तहसील, जिला व विकासखंड मुख्यालयों से राज्य की राजधानी के लिए सीधी बस सेवाएं चलाने की अनुमति मांगती आ रही हैं। जीएमओयू के निवर्तमान अध्यक्ष जीत सिंह पटवाल ने बताया कि आरटीए की पौड़ी में हुई बैठक में उनके प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया है। अब एसटीए में इस पर मंथन होना है। आरटीओ पौड़ी द्वारिका प्रसाद ने उक्त प्रस्ताव की पुष्टि की है। बताया कि गढ़वाल मंडलायुक्त की ओर से परिवहन विभाग से इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। जिसके लिए कोटद्वार, पौड़ी, कर्णप्रयाग व रुद्रप्रयाग के एआरटीओ से प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है।
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आरटीओ पौड़ी द्वारिका प्रसाद ने बताया कि कोटद्वार में इलेक्ट्रिक बस संचालन पर आरटीए की बैठक मेें सहमति बनी है। इसके लिए उत्तराखंड परिवहन निगम, नगर निगम और जीएमओयू से भी प्रस्ताव देने को कहा गया था। अब देहरादून की तर्ज पर कोटद्वार में भी इलेक्ट्रिक सिटी बस संचालन के लिए प्रस्ताव मांगा जा रहा हैं। कोटद्वार में यूरो 6 ऑटो वाहनों के संचालन के लिए उदार नीति अपनाई जा रही है। इनके संचालन के लिए कोई संख्या व अनुमति की जरूरत नहीं होगी।
गढ़वाल मंडल के पौड़ी, रुद्रप्रयाग व चमोली जिलों में जीएमओयू और रूपकुंड परिवहन कंपनियों की बसें परिवहन व्यवस्थाएं संभाले हुए हैं। ये बसें ऋषिकेश और हरिद्वार के लिए तो चलती हैं, लेकिन हरिद्वार और ऋषिकेश से डोईवाला होते हुए देहरादून नहीं जा सकती थीं। दरअसल, अविभाजित यूपी के समय से ही हरिद्वार और ऋषिकेश से सीधे देहरादून वाला मार्ग अंतरराज्यीय मार्ग के रूप में घोषित है, जिसे (पूर्व में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम) उत्तराखंड परिवहन निगम के लिए ही सुरक्षित किया गया था।
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राज्य गठन के बाद से जीएमओयू और रूपकुंड समेत राज्य की परिवहन कंपनियां गढ़वाल के तहसील, जिला व विकासखंड मुख्यालयों से राज्य की राजधानी के लिए सीधी बस सेवाएं चलाने की अनुमति मांगती आ रही हैं। जीएमओयू के निवर्तमान अध्यक्ष जीत सिंह पटवाल ने बताया कि आरटीए की पौड़ी में हुई बैठक में उनके प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया है। अब एसटीए में इस पर मंथन होना है। आरटीओ पौड़ी द्वारिका प्रसाद ने उक्त प्रस्ताव की पुष्टि की है। बताया कि गढ़वाल मंडलायुक्त की ओर से परिवहन विभाग से इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। जिसके लिए कोटद्वार, पौड़ी, कर्णप्रयाग व रुद्रप्रयाग के एआरटीओ से प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है।
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आरटीओ पौड़ी द्वारिका प्रसाद ने बताया कि कोटद्वार में इलेक्ट्रिक बस संचालन पर आरटीए की बैठक मेें सहमति बनी है। इसके लिए उत्तराखंड परिवहन निगम, नगर निगम और जीएमओयू से भी प्रस्ताव देने को कहा गया था। अब देहरादून की तर्ज पर कोटद्वार में भी इलेक्ट्रिक सिटी बस संचालन के लिए प्रस्ताव मांगा जा रहा हैं। कोटद्वार में यूरो 6 ऑटो वाहनों के संचालन के लिए उदार नीति अपनाई जा रही है। इनके संचालन के लिए कोई संख्या व अनुमति की जरूरत नहीं होगी।