{"_id":"68bc6a8987dd91319e007511","slug":"four-accused-of-selling-land-fraudulently-got-conditional-anticipatory-bail-kotdwar-news-c-5-1-gkp1010-782427-2025-09-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: धोखाधड़ी से भूमि बेचने के चार आरोपियों को मिली सशर्त अग्रिम जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: धोखाधड़ी से भूमि बेचने के चार आरोपियों को मिली सशर्त अग्रिम जमानत
विज्ञापन
विज्ञापन
कोटद्वार। अपर सत्र न्यायालय ने धोखाधड़ी व कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बेटे व उसकी मां के नाम दर्ज भूमि बेचने के मामले में चार आरोपियों की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्र को सशर्त स्वीकार कर लिया है।
प्रथम सूचना रिपोर्ट के अनुसार, विकास भट्ट ने कोटद्वार थाने में दी तहरीर में कहा कि उनकी ग्राम घमंडपुर पट्टी मोटाढाक में 1.725 हेक्टेयर भूमि है। जिसमें उनके नाम पर 0.144 हेक्टेयर व उनकी मां के नाम पर 0.032 हेक्टेयर भूमि है। यह भूमि उनके दादा बालीराम भट्ट के नाम पर दर्ज थी। उनकी मौत के बाद यह भूमि विरासत में उनके पिता चंद्रमोहन, चाचा बृजमोहन व राकेश मोहन के नाम पर हुई। उसके पिता चंद्रमोहन की मृत्यु के बाद उनके हक की भूमि 0.575 हेक्टेयर भूमि के चार बराबर हिस्से उनकी मां व तीन भाइयों के नाम हुए।
विकास भट्ट ने कहा कि वर्तमान में उसे छोड़कर सभी अपने हक की भूमि बेच चुके हैं। उसकी माता की भूमि विक्रय के बाद 0.032 हेक्टेयर भूमि शेष बची है। कहा कि आरोपी बृजमोहन भट्ट, मनोज, विकास नेगी, रविंद्र नेगी, सरस्वती देवी, तीरथ सिंह, उपेंद्र मित्तल, छिद्दर मित्तल, पूजा मित्तल, हरेंद्र नेगी और कौशल्या ने गैंग लीडर राजेंद्र नेगी उर्फ राजा से उनकी और उनकी मां की संपत्ति को हड़पने के इरादे से हमसाज होकर वर्ष 2015 में 6 अलग-अलग मिथ्या एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार कर छलकपट से बैनामा करा लिया और दाखिल खारिज करवाकर अपना नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज करा लिया। कहा कि आरोपी आए दिन कूटरचित दस्तावेजों को लेकर उनकी संपत्ति में हक जमाते हैं और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी देते हैं। पुलिस ने मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
पदमपुर सुखरो निवासी आरोपी विकास नेगी, राजेंद्र सिंह नेगी, सरस्वती देवी और मानपुर निवासी मनोज बिष्ट ने जमानत प्रार्थना पत्र में कहा कि उनके खिलाफ कोटद्वार थाने में झूठा मुकदमा दर्ज है और उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है और वह निर्दोष हैं। कहा कि अब तक की जांच के अनुसार आरोपी बृजमोहन भट्ट ने अपने हक अंश से अधिक की भूमि बेची है। वादी की ओर से बंटवारा वाद सक्षम न्यायालय में योजित किया गया है। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
प्रथम सूचना रिपोर्ट के अनुसार, विकास भट्ट ने कोटद्वार थाने में दी तहरीर में कहा कि उनकी ग्राम घमंडपुर पट्टी मोटाढाक में 1.725 हेक्टेयर भूमि है। जिसमें उनके नाम पर 0.144 हेक्टेयर व उनकी मां के नाम पर 0.032 हेक्टेयर भूमि है। यह भूमि उनके दादा बालीराम भट्ट के नाम पर दर्ज थी। उनकी मौत के बाद यह भूमि विरासत में उनके पिता चंद्रमोहन, चाचा बृजमोहन व राकेश मोहन के नाम पर हुई। उसके पिता चंद्रमोहन की मृत्यु के बाद उनके हक की भूमि 0.575 हेक्टेयर भूमि के चार बराबर हिस्से उनकी मां व तीन भाइयों के नाम हुए।
विज्ञापन
विकास भट्ट ने कहा कि वर्तमान में उसे छोड़कर सभी अपने हक की भूमि बेच चुके हैं। उसकी माता की भूमि विक्रय के बाद 0.032 हेक्टेयर भूमि शेष बची है। कहा कि आरोपी बृजमोहन भट्ट, मनोज, विकास नेगी, रविंद्र नेगी, सरस्वती देवी, तीरथ सिंह, उपेंद्र मित्तल, छिद्दर मित्तल, पूजा मित्तल, हरेंद्र नेगी और कौशल्या ने गैंग लीडर राजेंद्र नेगी उर्फ राजा से उनकी और उनकी मां की संपत्ति को हड़पने के इरादे से हमसाज होकर वर्ष 2015 में 6 अलग-अलग मिथ्या एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार कर छलकपट से बैनामा करा लिया और दाखिल खारिज करवाकर अपना नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज करा लिया। कहा कि आरोपी आए दिन कूटरचित दस्तावेजों को लेकर उनकी संपत्ति में हक जमाते हैं और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी देते हैं। पुलिस ने मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
पदमपुर सुखरो निवासी आरोपी विकास नेगी, राजेंद्र सिंह नेगी, सरस्वती देवी और मानपुर निवासी मनोज बिष्ट ने जमानत प्रार्थना पत्र में कहा कि उनके खिलाफ कोटद्वार थाने में झूठा मुकदमा दर्ज है और उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है और वह निर्दोष हैं। कहा कि अब तक की जांच के अनुसार आरोपी बृजमोहन भट्ट ने अपने हक अंश से अधिक की भूमि बेची है। वादी की ओर से बंटवारा वाद सक्षम न्यायालय में योजित किया गया है। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली।