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Kotdwar News: रेलवे स्टेशन के निर्माणाधीन भवन में चौखट-खिड़की लगाना भूले

Mon, 28 Apr 2025 10:21 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 28 Apr 2025 10:21 PM IST
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Forgot to install door frames and windows in the building under construction at the railway station
कोटद्वार। रेलवे स्टेशन का भवन बिना चौखट और खिड़की ही बना डाला। यहां तक कि रंग-रोगन करने के लिए भवन की पुट्टी तक कर डाली, तब जाकर भवन में चौखट-खिड़की लगाने और बिजली फिटिंग की याद आई। अब नए भवन की दीवारों में तोड़फोड़ कर चौखट और खिड़की लगाई जा रही हैं।
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केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत आजादी के बाद पहली बार कोटद्वार रेलवे स्टेशन के नए भवन का निर्माण किया जा रहा है। भूतल पर वेटिंग हाल, बुकिंग एवं आरक्षण कक्ष, कार्यालय, कैंटीन आदि सुविधाएं दी जा रही हैं, जबकि पहली मंजिल पर जीआरपी, आरपीएफ चौकी भवन और कमरे बनाए जा रहे हैं। निर्माण की धीमी गति होने पर रेलवे के मंडलीय अधिकारी कड़ी नाराजगी जता चुके हैं। अब 31 मई तक हर हाल में भवन का काम पूरा कर हैंडओवर करने के लिए कहा जा रहा है। ऐसे में निर्माण कार्य देख रहे निचले क्रम के अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों के हाथ-पांव फूले हैं।
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जल्दबाजी का आलम ये है कि भूतल और पहली मंजिल पर बने भवन के काफी हिस्से में पुट्टी तक कर दी, लेकिन ये नहीं देखा कि भवन में कहीं भी दरवाजों के लिए चौखट और खिड़कियां नहीं लगाई गई हैं। इतना ही नहीं, बिजली की अंडरग्राउंड फिटिंग तक नहीं की गई है। अब आनन-फानन में दीवारों को काटकर उनमें चौखट और खिड़कियों को फिट किया जा रहा है। ऐसे ही दीवारों में कटिंग कर बिजली के पाइप फिट किए जा रहे हैं।
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कुशल श्रमिकों का बताया जा रहा टोटा



भवन निर्माण में अधिकांश बाहरी अकुशल श्रमिक काम कर रहे हैं। तकनीकी एवं कुशल श्रमिकों का टोटा है। ऐसे श्रमिकों के समय पर नहीं मिलने और समय की बाध्यता के चलते भवन निर्माण को जारी रखने के दबाव में चौखट-खिड़कियां नहीं लगाए गए और न ही बिजली के सामान की फिटिंग की जा सकी। कुशल श्रमिकों के आने पर काम कराया जा रहा है।


पहले बनाना और बाद में तोड़कर फिर बनाना। इसमें आर्थिक नुकसान और समय की बर्बादी दोनों होती है। कार्यदायी संस्था को ही इसे झेलना होगा। रेलवे स्तर से गुणवत्ता की जांच की जाएगी। -सुबोध चौहान, प्रभारी गति शक्ति यूनिट, मुरादाबाद
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