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Kotdwar News: अभियंताओं के हुए तबादले, प्रमाणपत्र बनवाने के लिए भटक रहे लोग
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बैजरो। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं को प्रमाणपत्र बनवाने के लिए भटकना पड़ रहा है। दरअसल अभियंताओं के तबादले होने और उनके स्थान पर नई तैनाती नहीं होने से ये हालात बने हैं।विकासखंड पोखड़ा के अंतर्गत 58 ग्राम पंचायतें आती हैं। इन ग्राम पंचायतों में कई आर्थिक रूप से कमजोर परिवार निवास करते हैं। सरकार की किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के सदस्य को ईडब्लूएस प्रमाणपत्र की आवश्यकता पड़ रही है। ये प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहे हैं। इस कारण युवाओं और परिवार के सदस्यों को परेशानी हो रही है। इन प्रमाणपत्रों को विकासखंड स्तर पर तैनात अभियंता बना सकता है।
पोखड़ा के पूर्व प्रमुख सुरेंद्र रावत का कहना है कि विकासखंड कार्यालय में तैनात लघु सिंचाई, आरडब्लूडी आदि विभागों के अभियंताओं के तबादले हो गए हैं। अभियंता तो चले गए, लेकिन उनके स्थान पर किसी दूसरे अभियंता की तैनाती नहीं हो सकी है। विकासखंड में केवल मनरेगा के कनिष्ठ अभियंता ही कार्यरत हैं। चौबट्टाखाल तहसील प्रशासन की ओर से मनरेगा के कनिष्ठ अभियंता द्वारा बनाए गए मकान व भूमि प्रमाणपत्र को मान्यता नहीं दी जा रही है। इस कारण ईडब्लूएस प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहे हैं।
दूसरे विकासखंड का कोई अभियंता नक्शों पर हस्ताक्षर कर उन्हें प्रमाणित नहीं कर रहा है। वहीं, मनरेगा के अभियंता विकास कार्यों की एमबी तो कर रहे हैं, लेकिन तहसील प्रशासन उन्हें ईडब्लूएस प्रमाणपत्र बनाने का दायित्व नहीं सौंप रहा है।
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इस तरह का कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
- अनिल चन्याल, एसडीएम, चौबट्टाखाल
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पोखड़ा के पूर्व प्रमुख सुरेंद्र रावत का कहना है कि विकासखंड कार्यालय में तैनात लघु सिंचाई, आरडब्लूडी आदि विभागों के अभियंताओं के तबादले हो गए हैं। अभियंता तो चले गए, लेकिन उनके स्थान पर किसी दूसरे अभियंता की तैनाती नहीं हो सकी है। विकासखंड में केवल मनरेगा के कनिष्ठ अभियंता ही कार्यरत हैं। चौबट्टाखाल तहसील प्रशासन की ओर से मनरेगा के कनिष्ठ अभियंता द्वारा बनाए गए मकान व भूमि प्रमाणपत्र को मान्यता नहीं दी जा रही है। इस कारण ईडब्लूएस प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहे हैं।
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दूसरे विकासखंड का कोई अभियंता नक्शों पर हस्ताक्षर कर उन्हें प्रमाणित नहीं कर रहा है। वहीं, मनरेगा के अभियंता विकास कार्यों की एमबी तो कर रहे हैं, लेकिन तहसील प्रशासन उन्हें ईडब्लूएस प्रमाणपत्र बनाने का दायित्व नहीं सौंप रहा है।
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इस तरह का कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
- अनिल चन्याल, एसडीएम, चौबट्टाखाल