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आंगन में धमक रहे हाथी, खौफ में ग्रास्टनगंज के लोग
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लैंसडौन वन प्रभाग के जंगल से सटे पुराना ग्रास्टनगंज क्षेत्र में हाथियों की धमक से लोग परेशान हैं। आए दिन हाथी जंगल से निकलकर लोगों के आंगन में धमक रहे हैं। हाथी-मानव संघर्ष की आशंका से भयभीत लोगों ने डीएफओ से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
पुराना ग्रास्टनगंज क्षेत्र में करीब एक सौ परिवार रहते हैं। जंगल से सटा क्षेत्र होने के कारण वर्तमान में रोजाना हाथी दिन में जंगल से निकलकर उनके घरों के आसपास पहुंच रहे हैं। रात को कई बार हाथी आंगन तक में धमक जा रहे हैं, जिससे लोगों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
स्थानीय नागरिक राकेश प्रसाद थपलियाल ने बताया कि दिन-रात जंगल से निकलकर हाथियों के आने का सिलसिला गत दो महीने से जारी है। लोग हाथी के डर के मारे घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। कई बार हाथी लोगों को दौड़ा चुका है, जिससे हाथी-मानव संघर्ष का खतरा बना हुआ है। कई बार शिकायत के बाद भी हाथी को आबादी में आने से रोकने पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो रही है। कहा कि जंगल से हाथी के आने के रास्ते पर लोहे का गेट लगाने से हाथियों की आमद पर रोक लगाई जा सकती है। इसके लिए क्षेत्र के लोग अपने खर्चे पर गेट लगाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने डीएफओ से उन्हें जंगल के रास्ते पर गेट लगाने की अनुमति प्रदान करने की मांग की है।
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पुराना ग्रास्टनगंज क्षेत्र में करीब एक सौ परिवार रहते हैं। जंगल से सटा क्षेत्र होने के कारण वर्तमान में रोजाना हाथी दिन में जंगल से निकलकर उनके घरों के आसपास पहुंच रहे हैं। रात को कई बार हाथी आंगन तक में धमक जा रहे हैं, जिससे लोगों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
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स्थानीय नागरिक राकेश प्रसाद थपलियाल ने बताया कि दिन-रात जंगल से निकलकर हाथियों के आने का सिलसिला गत दो महीने से जारी है। लोग हाथी के डर के मारे घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। कई बार हाथी लोगों को दौड़ा चुका है, जिससे हाथी-मानव संघर्ष का खतरा बना हुआ है। कई बार शिकायत के बाद भी हाथी को आबादी में आने से रोकने पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो रही है। कहा कि जंगल से हाथी के आने के रास्ते पर लोहे का गेट लगाने से हाथियों की आमद पर रोक लगाई जा सकती है। इसके लिए क्षेत्र के लोग अपने खर्चे पर गेट लगाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने डीएफओ से उन्हें जंगल के रास्ते पर गेट लगाने की अनुमति प्रदान करने की मांग की है।
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