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ओबीसी आरक्षित ग्राम प्रधान की दो सीटें इस बार भी खाली
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ओबीसी के लिए आरक्षित ग्राम प्रधान की दो सीटों पर उपचुनाव में भी प्रत्याशी नहीं मिल सके, जिस कारण दुगड्डा ब्लॉक की दो ग्राम पंचायतें हनुमंत्री सरूड़ा और उमथगांव प्रधान विहीन ही रह जाएंगी। इन दो ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान के लिए किसी भी प्रत्याशी ने आवेदन नहीं किया। साथ ही ग्राम पंचायत सदस्य के 327 पदों के सापेक्ष 263 पदों के लिए ही प्रत्याशियों ने नामांकन कराए हैं। उप चुनाव होने के बाद भी ग्राम पंचायत सदस्य के 64 पद रिक्त रह जाएंगे।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में दुगड्डा ब्लॉक की तीन ग्राम पंचायतों पुलिंडा, हनुमंती सरूड़ा और उमथगांव में ग्राम प्रधान का पद ओबीसी के लिए आरक्षित किया गया था। नामांकन के दौरान पुलिंडा ग्राम पंचायत में तीन प्रत्याशियों ने नामांकन कराया था, जिसमें दो प्रत्याशियों का शौचालय नहीं होने के कारण और एक प्रत्याशी की आयु कम होने के कारण नामांकन रद्द किए गए थे। जबकि ओबीसी के लिए आरक्षित हनुमंती सरूड़ा और उमथगांव ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान पद के लिए किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन नहीं कराया था, जिससे इन ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान के चुनाव नहीं हो पाए थे। अब शासन की ओर से ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्यों के रिक्त पदों के लिए उप चुनाव कराए जा रहे हैं। निर्वाचन आयोग ने पुन: इन तीनों सीटों को ओबीसी के लिए आरक्षित किया है। नामांकन के अंतिम दिन पुलिंडा ग्राम पंचायत में दो प्रत्याशियों ने नामांकन कराया है, लेकिन हनुमंती सरूड़ा और उमथगांव में प्रधान पद के लिए उप चुनाव में भी कोई नामांकन नहीं हुआ। ब्लाक में ग्राम पंचायत सदस्य के 327 पदों के सापेक्ष 263 पदों के लिए ही प्रत्याशियों ने नामांकन कराए हैं। नोडल अधिकारी/बीडीओ दुगड्डा जयेंद्र भारद्वाज ने बताया कि दो ग्राम पंचायतों हनुमंती सरूड़ा और उमथगांव के लिए किसी ने भी नामांकन नहीं कराया है। छह माह के भीतर इन ग्राम पंचायतों में पुन: उपचुनाव कराया जाएगा। अगले उप चुनाव में इन सीटों के सामान्य होने की उम्मीद है। कहा कि वर्ष 2011 में हुई जनगणना में इन गांवों में ओबीसी के लोग निवास करते थे, जिसके आधार पर आरक्षण का निर्धारण किया गया था। लेकिन वर्तमान में ये लोग गांव से पलायन कर चुके हैं।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में दुगड्डा ब्लॉक की तीन ग्राम पंचायतों पुलिंडा, हनुमंती सरूड़ा और उमथगांव में ग्राम प्रधान का पद ओबीसी के लिए आरक्षित किया गया था। नामांकन के दौरान पुलिंडा ग्राम पंचायत में तीन प्रत्याशियों ने नामांकन कराया था, जिसमें दो प्रत्याशियों का शौचालय नहीं होने के कारण और एक प्रत्याशी की आयु कम होने के कारण नामांकन रद्द किए गए थे। जबकि ओबीसी के लिए आरक्षित हनुमंती सरूड़ा और उमथगांव ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान पद के लिए किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन नहीं कराया था, जिससे इन ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान के चुनाव नहीं हो पाए थे। अब शासन की ओर से ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्यों के रिक्त पदों के लिए उप चुनाव कराए जा रहे हैं। निर्वाचन आयोग ने पुन: इन तीनों सीटों को ओबीसी के लिए आरक्षित किया है। नामांकन के अंतिम दिन पुलिंडा ग्राम पंचायत में दो प्रत्याशियों ने नामांकन कराया है, लेकिन हनुमंती सरूड़ा और उमथगांव में प्रधान पद के लिए उप चुनाव में भी कोई नामांकन नहीं हुआ। ब्लाक में ग्राम पंचायत सदस्य के 327 पदों के सापेक्ष 263 पदों के लिए ही प्रत्याशियों ने नामांकन कराए हैं। नोडल अधिकारी/बीडीओ दुगड्डा जयेंद्र भारद्वाज ने बताया कि दो ग्राम पंचायतों हनुमंती सरूड़ा और उमथगांव के लिए किसी ने भी नामांकन नहीं कराया है। छह माह के भीतर इन ग्राम पंचायतों में पुन: उपचुनाव कराया जाएगा। अगले उप चुनाव में इन सीटों के सामान्य होने की उम्मीद है। कहा कि वर्ष 2011 में हुई जनगणना में इन गांवों में ओबीसी के लोग निवास करते थे, जिसके आधार पर आरक्षण का निर्धारण किया गया था। लेकिन वर्तमान में ये लोग गांव से पलायन कर चुके हैं।
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