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Kotdwar News: विशेष चिकित्सकों के बावजूद अस्थि विभाग की ओपीडी रही प्रभावित
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कोटद्वार। राजकीय बेस अस्पताल में चिकित्सकों की कमी का खामियाजा मरीजों और तीमारदारों को भुगतना पड़ रहा है। मेडिकल अफसर की कमी के कारण शनिवार सुबह अस्पताल का अस्थि विभाग बंद रहा। दरअसल एक अस्थि रोग विशेषज्ञ की ड्यूटी आपातकालीन वार्ड में लगा दी गई और दूसरे अस्थि विशेषज्ञ का ऑपरेशन का टर्म था।
बेस अस्पताल में विगत माह सीएमओ पौड़ी की ओर से दो इमरजेंसी मेडिकल अफसर उपलब्ध कराए गए थे। मेडिकल अफसरों की कमी के कारण अस्पताल प्रशासन को समय-समय पर विशेषज्ञ चिकित्सकों को इमरजेंसी वार्ड में लगाना पड़ रहा है। अस्पताल में दो अस्थि रोग विशेषज्ञ ही हैं। शनिवार को अस्थि सर्जन डॉ. अभिषेक जैन का ऑपरेशन का टर्म था। वहीं, दूसरे अस्थि विशेषज्ञ डॉ. वीसी काला को ओपीडी से हटाकर उनकी ड्यूटी इमरजेंसी वार्ड में लगा दी गई। जिस कारण अस्पताल का अस्थि विभाग बंद होने से चिकित्सीय सेवाएं बाधित हुईं। कई मरीजों ने ओपीडी के बाहर लंबी प्रतीक्षा की और चिकित्सकों के नहीं मिलने पर कई मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा।
वहीं, अस्पताल प्रशासन चिकित्सक उपलब्ध कराने के लिए निदेशालय से पत्राचार कर ही रहा है, इसके अलावा राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के सदस्य अस्पताल में चिकित्सक बढ़ाने की लगातार मांग करते आ रहे हैं, लेकिन अस्पताल को मेडिकल अफसर नहीं मिलने से स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हुई हैं। चर्चा है कि इस माह के अंत तक दो और मेडिकल अफसर कम होने से व्यवस्थाएं पूरी तरह से गड़बड़ा जाएंगी।
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बेस अस्पताल में विगत माह सीएमओ पौड़ी की ओर से दो इमरजेंसी मेडिकल अफसर उपलब्ध कराए गए थे। मेडिकल अफसरों की कमी के कारण अस्पताल प्रशासन को समय-समय पर विशेषज्ञ चिकित्सकों को इमरजेंसी वार्ड में लगाना पड़ रहा है। अस्पताल में दो अस्थि रोग विशेषज्ञ ही हैं। शनिवार को अस्थि सर्जन डॉ. अभिषेक जैन का ऑपरेशन का टर्म था। वहीं, दूसरे अस्थि विशेषज्ञ डॉ. वीसी काला को ओपीडी से हटाकर उनकी ड्यूटी इमरजेंसी वार्ड में लगा दी गई। जिस कारण अस्पताल का अस्थि विभाग बंद होने से चिकित्सीय सेवाएं बाधित हुईं। कई मरीजों ने ओपीडी के बाहर लंबी प्रतीक्षा की और चिकित्सकों के नहीं मिलने पर कई मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा।
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वहीं, अस्पताल प्रशासन चिकित्सक उपलब्ध कराने के लिए निदेशालय से पत्राचार कर ही रहा है, इसके अलावा राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के सदस्य अस्पताल में चिकित्सक बढ़ाने की लगातार मांग करते आ रहे हैं, लेकिन अस्पताल को मेडिकल अफसर नहीं मिलने से स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हुई हैं। चर्चा है कि इस माह के अंत तक दो और मेडिकल अफसर कम होने से व्यवस्थाएं पूरी तरह से गड़बड़ा जाएंगी।
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