{"_id":"5e2090f98ebc3e4b5055463a","slug":"demand-to-shift-uttarakhand-high-court-to-kotdwar-kotdwar-news-drn3329825166","type":"story","status":"publish","title_hn":"नैनीताल हाईकोर्ट को कोटद्वार में स्थापित करने की उठाई मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नैनीताल हाईकोर्ट को कोटद्वार में स्थापित करने की उठाई मांग
विज्ञापन
अधिवक्ताओं की बैठक में नैनीताल हाईकोर्ट को कोटद्वार में स्थापित करने की मांग उठाई है। वकीलों की ओर से सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और प्रधानमंत्री को इस आशय का ज्ञापन भेजा गया है।
सिम्मलचौड़ कोर्ट परिसर स्थित अधिवक्ता कक्ष में बैठक की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार पंत ने की। उन्होंने कहा कि नैनीताल हिल स्टेशन होने के कारण समुचित पार्किंग और रेल परिवहन की सुविधा भी नहीं है। राज्यभर के वादकारियों को वहां पर कई तरह की दिक्कतें झेलनी पड़ती है। दूरी अधिक होने के कारण गरीब, असहाय और निर्धन लोगों को अनावश्यक आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। वाहन सुविधा के अभाव में लोगों को पैदल आवाजाही करनी पड़ती है। नैनीताल में हाईकोर्ट के लिए पर्याप्त स्थान भी उपलब्ध नहीं है, जिससे अधिकतर वादकारी वहां तक नहीं जा पाते हैं और न्याय से वंचित रह जाते हैं। कहा कि सस्ता और सुलभ न्याय व्यवस्था बनाने के लिए न्यायपालिका के साथ ही केंद्र सरकार भी लगातार प्रयासरत है।
बैठक में सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित कर सुप्रीम कोर्ट के म़ुख्य न्यायाधीश और प्रधानमंत्री से जनहित में उत्तराखंड हाईकोर्ट को कोटद्वार में स्थापित करने की मांग की गई। बैठक में अधिवक्ता अरविंद वर्मा, प्रमोद राणा, इंद्रेश भाटिया, विकास कुमार, अंजलि अग्रवाल, कुंवर सिंह आर्य, जितेंद्र रावत, संजय जोशी, विनोद कुमार, आनंदमणि, दिनेश कुमार, अमित बडोला आदि ने विचार रखे। संचालन अधिवक्ता प्रवेश रावत ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिम्मलचौड़ कोर्ट परिसर स्थित अधिवक्ता कक्ष में बैठक की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार पंत ने की। उन्होंने कहा कि नैनीताल हिल स्टेशन होने के कारण समुचित पार्किंग और रेल परिवहन की सुविधा भी नहीं है। राज्यभर के वादकारियों को वहां पर कई तरह की दिक्कतें झेलनी पड़ती है। दूरी अधिक होने के कारण गरीब, असहाय और निर्धन लोगों को अनावश्यक आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। वाहन सुविधा के अभाव में लोगों को पैदल आवाजाही करनी पड़ती है। नैनीताल में हाईकोर्ट के लिए पर्याप्त स्थान भी उपलब्ध नहीं है, जिससे अधिकतर वादकारी वहां तक नहीं जा पाते हैं और न्याय से वंचित रह जाते हैं। कहा कि सस्ता और सुलभ न्याय व्यवस्था बनाने के लिए न्यायपालिका के साथ ही केंद्र सरकार भी लगातार प्रयासरत है।
विज्ञापन
बैठक में सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित कर सुप्रीम कोर्ट के म़ुख्य न्यायाधीश और प्रधानमंत्री से जनहित में उत्तराखंड हाईकोर्ट को कोटद्वार में स्थापित करने की मांग की गई। बैठक में अधिवक्ता अरविंद वर्मा, प्रमोद राणा, इंद्रेश भाटिया, विकास कुमार, अंजलि अग्रवाल, कुंवर सिंह आर्य, जितेंद्र रावत, संजय जोशी, विनोद कुमार, आनंदमणि, दिनेश कुमार, अमित बडोला आदि ने विचार रखे। संचालन अधिवक्ता प्रवेश रावत ने किया।
विज्ञापन