{"_id":"66f19eb89d0e911112001ee1","slug":"attacking-guldar-seen-in-thangar-in-guldar-affected-village-of-dwarikhal-kotdwar-news-c-5-1-gkp1010-508820-2024-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: द्वारीखाल के गुलदार प्रभावित गांव में ठांगर में दिखा हमलावर गुलदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: द्वारीखाल के गुलदार प्रभावित गांव में ठांगर में दिखा हमलावर गुलदार
विज्ञापन
विज्ञापन
कोटद्वार। द्वारीखाल ब्लॉक के अंतर्गत गुलदार प्रभावित गांव ठांगर में बच्चे पर हमले करने वाले गुलदार की मूवमेंट नजर आई है, जिससे ग्रामीणों में दहशत है। वन अधिकारियों का कहना है कि वनकर्मी क्षेत्र में डटे हुए हैं और लगातार गश्त कर रहे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से 24 सितंबर को भी क्षेत्र के 10 स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे।द्वारीखाल ब्लॉक के ठांगर गांव में बीती 21 सितंबर की सुबह एक सात वर्षीय बच्चे कार्तिक पर गुलदार के हमले की घटना के बाद दहशत बनी हुई है। क्षेत्र में ग्रामीणों ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय ठांगर के परिसर के आसपास कई बार गुलदार दिखने की बात कही है। जिसके कारण सुरक्षा की दृष्टि से जिलाधिकारी के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने क्षेत्र के 10 विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में दो दिन का अवकाश घोषित किया है। सोमवार को जीआईसी कैंडुल ठांगर, प्राथमिक विद्यालय ठांगर समेत 10 विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे। ये विद्यालय मंगलवार को भी बंद रहेंगे। वन विभाग की ओर से क्षेत्र में बच्चों और महिलाओं समेत सभी लोगों से अकेले आवाजाही न करने की अपील की है।
ग्राम पंचायत ठांगर की प्रधान सोनम देवी और समाजसेवी अनिल सिंह ने बताया कि रविवार रात 10:00 बजे के करीब प्राथमिक विद्यालय ठांगर के समीप स्थित रवींद्र सिंह और रणवीर सिंह के घर के गेट पर धमक गया। उन्होंने शोर मचाया, जिस पर गुलदार वहां से भाग गया। बताया कि शनिवार को बच्चे पर हमले के बाद से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। बच्चे जहां आंगन में आने से भी डर रहे हैं। वहीं, गुलदार की दहशत के कारण महिलाएं भी खेत और जंगल में चारापत्ती तक लेने नहीं जा पा रही हैं। ग्रामीण दिन ढलते ही घरों में कैद हो जा रहे हैं। बरसात के बाद गांव में चारों ओर लैंटाना और गाजर घास की झाड़ियां होने के कारण गुलदार के हमले का खतरा बना हुआ है।
उधर, लैंसडौन के रेंजर राकेश चंद्रा ने बताया कि वन विभाग की टीम गांव में ही डटी हुई है। घटना के बाद से गुलदार की मूवमेंट कहीं भी नजर नहीं आई है। टीम ग्रामीणों को लगातार जागरूक भी कर रही है।
विज्ञापन
.
फोटो समाचार
ग्राम पंचायत ठांगर की प्रधान सोनम देवी और समाजसेवी अनिल सिंह ने बताया कि रविवार रात 10:00 बजे के करीब प्राथमिक विद्यालय ठांगर के समीप स्थित रवींद्र सिंह और रणवीर सिंह के घर के गेट पर धमक गया। उन्होंने शोर मचाया, जिस पर गुलदार वहां से भाग गया। बताया कि शनिवार को बच्चे पर हमले के बाद से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। बच्चे जहां आंगन में आने से भी डर रहे हैं। वहीं, गुलदार की दहशत के कारण महिलाएं भी खेत और जंगल में चारापत्ती तक लेने नहीं जा पा रही हैं। ग्रामीण दिन ढलते ही घरों में कैद हो जा रहे हैं। बरसात के बाद गांव में चारों ओर लैंटाना और गाजर घास की झाड़ियां होने के कारण गुलदार के हमले का खतरा बना हुआ है।
विज्ञापन
उधर, लैंसडौन के रेंजर राकेश चंद्रा ने बताया कि वन विभाग की टीम गांव में ही डटी हुई है। घटना के बाद से गुलदार की मूवमेंट कहीं भी नजर नहीं आई है। टीम ग्रामीणों को लगातार जागरूक भी कर रही है।
विज्ञापन
.
फोटो समाचार