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Kotdwar News: कड़ी मशक्कत से बौंठा गांव के निकट लगी आग पर पाया काबू
Thu, 01 May 2025 07:09 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Thu, 01 May 2025 07:09 PM IST
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वन क्षेत्र में फैलने से रोकने पर वन विभाग ने ली राहत की सांस, खतरा अब भी बरकरार
दुगड्डा (कोटद्वार)। द्वारीखाल के डाडामंडी के क्षेत्र आग की घटनाओं के लिए अतिसंवेदनशील है। बुधवार शाम बौंठा गांव के निकट लगी आग बछेली गांव की सीमा तक पहुंच गई थी। वनकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
लैंसडौन वन प्रभाग की दुगड्डा रेंज के मटियाली अनुभाग की सीमा में बसे ग्रामीण क्षेत्रों में आग की घटनाओं का खतरा लगातार बना है। बछेली गांव के निकट किसी अज्ञात शरारती तत्व ने आग लगा दी थी। तेजी से फैली आग पर नियंत्रण करने के लिए वन विभाग की ओर से बुधवार शाम को प्रयास किया गया।
हवा के तीव्र वेग के कारण आग ऊंचाई की ओर बढ़ रही थी। चीड़ बाहुल्य क्षेत्र में पिरूल में लगी आग पर नियंत्रण करना चुनौती बना था। वन कर्मियों ने सिविल क्षेत्र की ओर से फैल रही आग को आरक्षित वन क्षेत्र में आने से रोके रखा और देर शाम तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। हालांकि खतरा अभी भी बना है। मटियाली अनुभाग के अनुभाग अधिकारी रविंद्र सिंह गुसाईं ने बताया कि क्षेत्रवासियों को निरंतर आगाह किया जा रहा है कि अपने क्षेत्र में सूखी झाड़ियां, कचरा आदि न जलाएं।
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दुगड्डा (कोटद्वार)। द्वारीखाल के डाडामंडी के क्षेत्र आग की घटनाओं के लिए अतिसंवेदनशील है। बुधवार शाम बौंठा गांव के निकट लगी आग बछेली गांव की सीमा तक पहुंच गई थी। वनकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
लैंसडौन वन प्रभाग की दुगड्डा रेंज के मटियाली अनुभाग की सीमा में बसे ग्रामीण क्षेत्रों में आग की घटनाओं का खतरा लगातार बना है। बछेली गांव के निकट किसी अज्ञात शरारती तत्व ने आग लगा दी थी। तेजी से फैली आग पर नियंत्रण करने के लिए वन विभाग की ओर से बुधवार शाम को प्रयास किया गया।
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हवा के तीव्र वेग के कारण आग ऊंचाई की ओर बढ़ रही थी। चीड़ बाहुल्य क्षेत्र में पिरूल में लगी आग पर नियंत्रण करना चुनौती बना था। वन कर्मियों ने सिविल क्षेत्र की ओर से फैल रही आग को आरक्षित वन क्षेत्र में आने से रोके रखा और देर शाम तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। हालांकि खतरा अभी भी बना है। मटियाली अनुभाग के अनुभाग अधिकारी रविंद्र सिंह गुसाईं ने बताया कि क्षेत्रवासियों को निरंतर आगाह किया जा रहा है कि अपने क्षेत्र में सूखी झाड़ियां, कचरा आदि न जलाएं।
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