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मार्ग के डामरीकरण में गुणवता न होने पर भड़के ग्रामीण
Updated Thu, 03 May 2018 11:16 PM IST
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धुमाकोट। लोनिवि बैजरो डिवीजन के अंतर्गत शंकरपुर-नैनीडांडा मोटर मार्ग पिछले कई वर्षों से बदहाल है। ग्रामीण सड़क के डामरीकरण के लिए लंबे समय से मांग कर रहे हैं। क्षेत्रीय विधायक दिलीप रावत के प्रयास से शंकरपुर से रिंगल्टा तक मार्ग का डामरीकरण कार्य स्वीकृत हुआ, लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मार्ग के डामरीकरण कार्य में गुणवत्ता की कमी का आरोप लगाते हुए विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख संजय गौड़ और क्षेत्रीय ग्रामीणों का कहना है कि शंकरपुर से रिंगल्टा तक लगभग 10 किमी मार्ग कच्चा होने से वाहनों के संचालन में परेशानी हो रही है। बरसात के समय कुछ माह तक मार्ग पूरी तरह से आवाजाही के लिए बंद हो जाता है। इसे देखते हुए ग्रामीण लंबे समय से डामरीकरण की मांग कर रहे थे। क्षेत्र के लोगों की परेशानी को देखते हुए शंकरपुर से रिंगल्टा तक मार्ग का सुधारीकरण और डामरीकरण कार्य स्वीकृत हुआ है। वर्तमान में रिंगल्टा से शंकरपुर की ओर सड़क पर डामरीकरण कार्य चल रहा है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग का डामरीकरण गुणवत्तापूर्वक नहीं हो रहा है। कहा कि डामरीकरण से पहले सोलिंग कार्य में घटिया किस्म का पत्थर इस्तेमाल किया जा रहा है। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक और विभागीय अधिकारियों से मार्ग के डामरीकरण कार्य की गुणवत्ता की जांच कर उसमें सुधार की मांग की है।
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पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख संजय गौड़ और क्षेत्रीय ग्रामीणों का कहना है कि शंकरपुर से रिंगल्टा तक लगभग 10 किमी मार्ग कच्चा होने से वाहनों के संचालन में परेशानी हो रही है। बरसात के समय कुछ माह तक मार्ग पूरी तरह से आवाजाही के लिए बंद हो जाता है। इसे देखते हुए ग्रामीण लंबे समय से डामरीकरण की मांग कर रहे थे। क्षेत्र के लोगों की परेशानी को देखते हुए शंकरपुर से रिंगल्टा तक मार्ग का सुधारीकरण और डामरीकरण कार्य स्वीकृत हुआ है। वर्तमान में रिंगल्टा से शंकरपुर की ओर सड़क पर डामरीकरण कार्य चल रहा है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग का डामरीकरण गुणवत्तापूर्वक नहीं हो रहा है। कहा कि डामरीकरण से पहले सोलिंग कार्य में घटिया किस्म का पत्थर इस्तेमाल किया जा रहा है। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक और विभागीय अधिकारियों से मार्ग के डामरीकरण कार्य की गुणवत्ता की जांच कर उसमें सुधार की मांग की है।
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