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आठ साल में नहीं बना चार किमी मुक्तिधाम मार्ग
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कोटद्वार। रिखणीखाल के बड़खेत मल्ला के ग्रामीणों की मांग पर वर्ष 2011 में स्वीकृत कुणजाखाल-मालबास मुक्तिधाम मोटर मार्ग और पुल का निर्माण आठ साल बाद भी नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने लोनिवि व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया।
बड़खेत मल्ला के निवासी सूबेदार ठाकुर सिंह नेगी (से.नि.) की अध्यक्षता में हुई ग्रामीणों की बैठक में लोनिवि लैंसडौन पर उनकी सड़क निर्माण में लेटलतीफी का आरोप लगाया। कहा कि वर्ष 2011 में गुलदार प्रकरण के बाद चर्चा में आए धामधार में तत्कालीन मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी (से.नि.) ने ग्रामीणों की मांग पर बड़खेत मल्ला के कुणजाखाल से मालबास मुक्तिधाम तक चार किमी सड़क और मंदाल नदी पर करीब 54 मीटर स्पान पुल की स्वीकृति प्रदान की थी। लोनिवि लैंसडौन को सड़क के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई, लेकिन इन आठ सालों में लोनिवि सड़क का प्रस्ताव बनाकर नहीं भेज सका। ग्रामीण देवेंद्र पाल सिंह, प्रधान नंदा देवी, दलवीर सिंह, आनंद सिंह, धीरेंद्र सिंह, श्यामलाल और आनंदमणि का कहना है कि क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को केवल चुनाव के समय ही जनता की याद आती है। कई मंचों पर यह मामला उठाया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ईई प्रवीण बहुखंडी का कहना है कि कुणजाखाल-मालबास मुक्तिधाम मार्ग निर्माण का मामला एलाइनमेंट विवाद में फंसा रहा। अब इसे सुलझा लिया गया है। इसकी डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी गई है।
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बड़खेत मल्ला के निवासी सूबेदार ठाकुर सिंह नेगी (से.नि.) की अध्यक्षता में हुई ग्रामीणों की बैठक में लोनिवि लैंसडौन पर उनकी सड़क निर्माण में लेटलतीफी का आरोप लगाया। कहा कि वर्ष 2011 में गुलदार प्रकरण के बाद चर्चा में आए धामधार में तत्कालीन मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी (से.नि.) ने ग्रामीणों की मांग पर बड़खेत मल्ला के कुणजाखाल से मालबास मुक्तिधाम तक चार किमी सड़क और मंदाल नदी पर करीब 54 मीटर स्पान पुल की स्वीकृति प्रदान की थी। लोनिवि लैंसडौन को सड़क के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई, लेकिन इन आठ सालों में लोनिवि सड़क का प्रस्ताव बनाकर नहीं भेज सका। ग्रामीण देवेंद्र पाल सिंह, प्रधान नंदा देवी, दलवीर सिंह, आनंद सिंह, धीरेंद्र सिंह, श्यामलाल और आनंदमणि का कहना है कि क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को केवल चुनाव के समय ही जनता की याद आती है। कई मंचों पर यह मामला उठाया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ईई प्रवीण बहुखंडी का कहना है कि कुणजाखाल-मालबास मुक्तिधाम मार्ग निर्माण का मामला एलाइनमेंट विवाद में फंसा रहा। अब इसे सुलझा लिया गया है। इसकी डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी गई है।
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