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ब्योली है सवांदा ब्योली प्रतियोगिता में शैलपुत्री कीर्तन मंडली ने मारी बाजी
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कोटद्वार। उत्तराखंड राइजिंग पौड़ी संस्था के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में सात वृद्धजनों के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले तेरह लोगों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित हुई। ब्योली हे सवांदा ब्योली प्रतियोगिता में शैलपुत्री कीर्तन मंडली ने प्रथम स्थान हासिल किया। कार्यक्रम के दौरान नंदा राजजात यात्रा, अर्द्धनारीश्वर की प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमुदाय को भाव विभोर कर दिया।
बद्रीनाथ मार्ग स्थित नगर निगम प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत, विशिष्ट अतिथि हंस कल्चरल सेंटर के प्रदेश प्रभारी पदमेंद्र सिंह बिष्ट और एवीएन की डायरेक्टर अनुराधा नैथानी बौड़ाई ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अपने संबोधन में वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति, बोली भाषा और लोक विधाओं के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होने चाहिए। इस मौके पर आयोजित ब्योली हे सवांदा ब्योली प्रतियोगिता में शैल पुत्री कीर्तन मंडली ने प्रथम, हरिओम कीर्तन मंडली ने द्वितीय और गिरी गुंजन कीर्तन मंडली ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। नृत्य प्रतियोगिता में राइंका कण्वघाटी ने प्रथम, क्रेडिल प्ले पब्लिक स्कूल ने द्वितीय और बोक्सा जनजाति स्कूल हल्दूखाता ने तृतीय स्थान पाया। कार्यक्रम में सात वृद्धजनों सच्चिदानंद ध्यानी, सुरेशानंद भट्ट, विमल प्रसाद शुक्ला, चंद्रमोहन बड़ोला, दाताराम केष्टवाल को सम्मानित किया गया। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सुनील रावत, ओम प्रकाश कबटियाल, प्रकाश गढ़वाली, विजय नौटियाल, वेद प्रकाश माहेश्वरी, धीरेंद्र कंडारी, मनोज नेगी, जीतेंद्र काला, जीतेंद्र नेगी, नीरज कुमार कमल, हरिचरण चतुर्वेदी, विनोद शुकरेती, महेंद्र सिंह राणा को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में संस्था की अध्यक्ष पूर्व पालिकाध्यक्ष रश्मि राणा, बलूनी पब्लिक स्कूल की डायरेक्टर अभिलाषा भारद्वाज, मंजू नेगी, राकेश मोहन ध्यानी, रमाकांत कुकरेती, निधि बुड़ाकोटी, प्रर्मिता कंडवाल, आशीष जदली, ललन बुड़ाकोटी आदि मौजूद रहे।
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बद्रीनाथ मार्ग स्थित नगर निगम प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत, विशिष्ट अतिथि हंस कल्चरल सेंटर के प्रदेश प्रभारी पदमेंद्र सिंह बिष्ट और एवीएन की डायरेक्टर अनुराधा नैथानी बौड़ाई ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अपने संबोधन में वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति, बोली भाषा और लोक विधाओं के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होने चाहिए। इस मौके पर आयोजित ब्योली हे सवांदा ब्योली प्रतियोगिता में शैल पुत्री कीर्तन मंडली ने प्रथम, हरिओम कीर्तन मंडली ने द्वितीय और गिरी गुंजन कीर्तन मंडली ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। नृत्य प्रतियोगिता में राइंका कण्वघाटी ने प्रथम, क्रेडिल प्ले पब्लिक स्कूल ने द्वितीय और बोक्सा जनजाति स्कूल हल्दूखाता ने तृतीय स्थान पाया। कार्यक्रम में सात वृद्धजनों सच्चिदानंद ध्यानी, सुरेशानंद भट्ट, विमल प्रसाद शुक्ला, चंद्रमोहन बड़ोला, दाताराम केष्टवाल को सम्मानित किया गया। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सुनील रावत, ओम प्रकाश कबटियाल, प्रकाश गढ़वाली, विजय नौटियाल, वेद प्रकाश माहेश्वरी, धीरेंद्र कंडारी, मनोज नेगी, जीतेंद्र काला, जीतेंद्र नेगी, नीरज कुमार कमल, हरिचरण चतुर्वेदी, विनोद शुकरेती, महेंद्र सिंह राणा को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में संस्था की अध्यक्ष पूर्व पालिकाध्यक्ष रश्मि राणा, बलूनी पब्लिक स्कूल की डायरेक्टर अभिलाषा भारद्वाज, मंजू नेगी, राकेश मोहन ध्यानी, रमाकांत कुकरेती, निधि बुड़ाकोटी, प्रर्मिता कंडवाल, आशीष जदली, ललन बुड़ाकोटी आदि मौजूद रहे।
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