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मुकदमे वापस नहीं हुए तो देंगे गिरफ्तारी
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एक वर्ष पूर्व घाट-नंदप्रयाग सड़क के चौड़ीकरण की मांग को लेकर दो माह तक चले आंदोलन के दौरान आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे अभी तक वापस नहीं लिए गए हैं। इससे लोगों में आक्रोश है। अब मुकदमे वापस न होने पर आंदोलनकारियों ने गिरफ्तारी देने का ऐलान किया है।
सड़क चौड़ीकरण को लेकर हुए आंदोलन में 40 से अधिक आंदोलनकारियों पर मुकदमे दर्ज हुए थे। सरकार ने आंदोलनकारियों की मांग पर घाट-नंदप्रयाग सड़क को डेढ़ लेन में तब्दील करने की घोषणा की और आंदोलनकारियों पर हुए मुकदमे वापस लेने का फैसला लिया था। वर्तमान में सड़क का मामला वन भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया पर लंबित है। लेकिन आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए हैं।
आंदोलनकारी चरण सिंह नेगी, बसंती देवी, लक्ष्मण राणा, दीपक रतूड़ी, महावीर सिंह और सरस्वती देवी का कहना है कि शांतिपूर्ण आंदोलन के बावजूद गैरसैंण में महिलाओं और आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और मुकदमे दर्ज किए गए। मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद मुकदमे वापस नहीं हुए हैं। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र मुकदमों की वापसी नहीं हुई तो वे सामूहिक गिरफ्तारी देकर जेल जाएंगे। जेल में भी तब तक रहेंगे, जब तक मुकदमे वापस नहीं हो जाते। इधर, पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान का कहना है कि मुकदमों की जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। अब मामला शासन स्तर का है।
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सड़क चौड़ीकरण को लेकर हुए आंदोलन में 40 से अधिक आंदोलनकारियों पर मुकदमे दर्ज हुए थे। सरकार ने आंदोलनकारियों की मांग पर घाट-नंदप्रयाग सड़क को डेढ़ लेन में तब्दील करने की घोषणा की और आंदोलनकारियों पर हुए मुकदमे वापस लेने का फैसला लिया था। वर्तमान में सड़क का मामला वन भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया पर लंबित है। लेकिन आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए हैं।
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आंदोलनकारी चरण सिंह नेगी, बसंती देवी, लक्ष्मण राणा, दीपक रतूड़ी, महावीर सिंह और सरस्वती देवी का कहना है कि शांतिपूर्ण आंदोलन के बावजूद गैरसैंण में महिलाओं और आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और मुकदमे दर्ज किए गए। मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद मुकदमे वापस नहीं हुए हैं। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र मुकदमों की वापसी नहीं हुई तो वे सामूहिक गिरफ्तारी देकर जेल जाएंगे। जेल में भी तब तक रहेंगे, जब तक मुकदमे वापस नहीं हो जाते। इधर, पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान का कहना है कि मुकदमों की जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। अब मामला शासन स्तर का है।
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