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बेनतीजा रही ग्रामीणों और कंपनी प्रबंधन की बैठक
ब्यूरो/ अमर उजाला, जोशीमठ
Updated Wed, 28 Dec 2016 09:42 PM IST
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तपोवन-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य कर रही एनटीपीसी और आंदोलनकारी परियोजना प्रभावितों के बीच बुधवार को एसडीएम योगेंद्र सिंह की मध्यस्थता में हुई बैठक बेनतीजा रही। ग्रामीणों ने टनल का निर्माण कार्य विस्फोट के बजाय टीबीएम (टनल बोरिंग मशीन) से करने की मांग उठाई।
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बुधवार सुबह ग्यारह बजे हुई बैठक में एसडीएम ने कंपनी के अधिकारियों और ग्रामीणों को अपना-अपना पक्ष रखने के लिए कहा। ग्रामीणों ने कहा कि क्षतिग्रस्त भवनों के मुआवजे का भुगतान, बेरोजगार युवाओं को रोजगार और गांव में सामुदायिक विकास कार्य नहीं किए जाने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
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ग्रामीणों ने परियोजना टनल के निर्माण में विस्फोट के बजाय टीबीएम का उपयोग करने की मांग उठाई। इस पर कंपनी के महाप्रबंधक जगदीश राय ने कहा कि परियोजना निर्माण कार्य में नियंत्रित ढंग से विस्फोटकों का उपयोग किया जा रहा है।
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प्रभावित क्षेत्र के 88 ग्रामीणों को परियोजना में रोजगार दिया गया है। भविष्य में अन्य ग्रामीणों को रोजगार देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में वर्तमान में 25 लाख की लागत से सामुदायिक विकास कार्य भी किए जा रहे हैं, जबकि प्रभावितों ने कहा कि क्षेत्र में न तो युवाओं को रोजगार दिया गया और न ही सामुदायिक विकास के कार्य हुए हैं।
कहा गया कि जब तक मांगों पर कार्रवाई नहीं होती परियोजना के खिलाफ आंदोलन जारी रखा जाएगा। इस मुद्दे पर बैठक में कोई निर्णय नहीं निकल पाया। इस मौके पर ग्राम प्रधान हेमा देवी, वीरेंद्र सिंह रावत, अजीत पाल सिंह, धीरज सिंह, एजीएम एके घिल्डियाल और महावीर भंडारी आदि मौजूद थे।