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Chamoli News: ग्रामीणों ने रोका हाईवे कटिंग का काम, टीम को लौटाया

Wed, 06 Aug 2025 07:29 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली Updated Wed, 06 Aug 2025 07:29 PM IST
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Villagers stopped highway cutting work and sent the team back
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बोले-पहले पिछला करें भुगतान, फिर करने देंगे काम
रैणी गांव में ज्योतिर्मठ-मलारी हाईवे धंसने पर ग्रामीणों की भूमि से की जा रही थी कटिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्योतिर्मठ। भू-धंसाव से क्षतिग्रस्त हुए ज्योतिर्मठ-मलारी हाईवे को सुचारु करने के लिए बीआरओ की ओर से ग्रामीणों की भूमि से कटिंग की जा रही है। मगर बुधवार को रैणी गांव के ग्रामीणों ने कटिंग का काम रुकवाया और बीआरओ के अधिकारियों और मजदूरों को बैरंग लौटा दिया। ग्रामीणों ने कहा कि वर्ष 2021 में आई रैणी आपदा के दौरान हाईवे की कटिंग के समय ली गई उनकी निजी भूमि का आज तक उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया है। पहले उन्हें पिछला मुआवजा दिया जाए उसके बाद ही काम करने दिया जाएगा।

रैणी आपदा के समय रैणी गांव के नीचे मलारी हाईवे करीब 200 मीटर तक बह गया था। तब बीआरओ ने हाईवे बनाने के लिए ग्रामीणों की जमीन से कटिंग शुरू की मगर लोगों को भूमि का मुआवजा नहीं दिया गया। अब फिर रैणी गांव के पास मलारी हाईवे का करीब 30 मीटर हिस्सा धंस गया है। यहां आवाजाही सुचारु करने के लिए अब फिर बीआरओ की ओर से ग्रामीणों की भूमि से सड़क कटिंग की योजना बनाई। बुधवार को बीआरओ के मजदूर और अधिकारी रैणी गांव के नीचे पोकलेन मशीन लेकर पहुंचे लेकिन ग्रामीणों ने काम रुकवाया दिया और टीम को बैरंग लौटा दिया। रैणी गांव के पूर्व प्रधान भवान सिंह राणा ने कहा कि कई बार पत्राचार करने, आंदोलन करने के बाद भी उन्हें 2021 में हाईवे बनाने के दौरान ली गई जमीन का मुआवजा नहीं दिया गया। जब तक उन्हें पुराना मुआवजा नहीं दिया जाता वे सड़क कटिंग नहीं होने देंगे। वहीं एसडीएम ज्योतिर्मठ चंद्रशेखर वशिष्ट ने बताया कि बृहस्पतिवार को प्रशासन की टीम गांव में जाकर लोगों की समस्या का समाधान करेगी। हाईवे सुचारु करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं जहां हाईवे धंसा है वहां बीआरओ की ओर से मिट्टी डालकर वाहन चलने लायक बनाने की कोशिश की जा रही है ताकि हाईवे को वैकल्पिक तौर पर सुचारु किया जा सके।
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