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Chamoli News: दस साल से पुल का इंतजार कर रहे घिंघराण के ग्रामीण

Mon, 19 Oct 2026 07:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली Updated Mon, 19 Oct 2026 07:03 PM IST
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Villagers of Ghingharan have been waiting for a bridge for ten years
हर बरसात में बह जाती है अस्थायी पुलिया, स्कूली बच्चों और महिलाओं को उठानी पड़ रही परेशानी
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गोपेश्वर। नंदानगर के घिंघराण में चुफलागाड पर पुल न होने से ग्रामीणों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। दस साल पहले आपदा के दौरान बाढ़ में पुल बह गया था। तब से ग्रामीण हर साल अपने संसाधनों से अस्थायी पुलिया बनाकर आवाजाही कर रहे हैं। इस बार भी नदी का जलस्तर कम होने पर ग्रामीणों ने श्रमदान कर पुलिया का निर्माण किया है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण के लिए शासन-प्रशासन से कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ने पर पुलिया बह जाती है। ऐसे में ग्रामीणों को करीब तीन किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। महिलाओं को चारापत्ती लाने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता है जबकि घिंघराण के छात्र-छात्राओं को हाईस्कूल की पढ़ाई के लिए राइंका बांजबगड़ जाने में परेशानी होती है। उफनते गदेरे को पार करना उनके लिए जोखिम भरा रहता है।
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इस पुल से लांखी, भटियाणा, घिंघराण, सेंती और बांजबगड़ के ग्रामीण आवाजाही करते थे। अस्थायी पुलिया निर्माण में सुरेंद्र बिष्ट, इंद्र सिंह, वार्ड सदस्य देवेंद्र बिष्ट, बलवंत सिंह, ग्राम प्रहरी दीपा देवी, आशा, देवकी, शांता देवी और अन्य ग्रामीणों ने सहयोग दिया।
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